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कोरबा में 79 लाख रुपये के इंदिरा आवास घोटाले का खुलासा, कियोस्क संचालक गिरफ्तार
कोरबा। इंदिरा आवास योजना के तहत जरूरतमंदों के लिए जारी सरकारी राशि में 79 लाख रुपये के गबन के मामले का राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में बैंक ऑफ इंडिया के कियोस्क संचालक गौरव शुक्ला (47) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर की गई हेराफेरी
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने वर्ष 2010-11 में कोरबा जिले के ग्रामीण इलाकों के लिए आई इंदिरा आवास योजना की राशि में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की। यह राशि मूल रूप से गरीब हितग्राहियों के खातों में जानी थी, लेकिन आरोपी ने इसे 2017 में अपने और अपने परिजनों के खातों में ट्रांसफर कर लिया।
स्टाफ आईडी और बायोमेट्रिक सिस्टम का गलत इस्तेमाल
EOW के अनुसार, आरोपी ने बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आईडी का दुरुपयोग करते हुए निष्क्रिय खातों को सक्रिय कराया। इसके बाद हितग्राहियों के आधार नंबर हटाकर अपने और परिवार के सदस्यों के आधार नंबर जोड़ दिए गए। इसी के जरिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को पार कर रकम अपने खातों में ट्रांसफर की जाती रही।
सॉफ्टवेयर खामियों का भी उठाया फायदा
जांच एजेंसियों ने यह भी पाया कि आरोपी ने बैंकिंग सॉफ्टवेयर की खामियों का फायदा उठाया। बिना उचित आधार सत्यापन और कमजोर लॉगिन सिस्टम का उपयोग कर कई अनधिकृत ट्रांजेक्शन किए गए। करीब 10 अलग-अलग स्टाफ आईडी का उपयोग करते हुए लगभग 620 बार सिस्टम में प्रविष्टियां की गईं।
आगे की जांच जारी
मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आरोपी को विशेष न्यायालय कोरबा में पेश किया गया, जहां से उसे 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
EOW अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क और बैंकिंग प्रक्रिया में संभावित लापरवाही की भी विस्तृत जांच की जा रही है।