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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान (23 अप्रैल) से ठीक चार दिन पहले सियासी माहौल पूरी तरह गरमा गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रविवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर शांतनु सिन्हा बिस्वास के दो ठिकानों और बिजनेसमैन जॉय कामदार के आवास पर छापेमारी की।
जानकारी के मुताबिक, शांतनु सिन्हा बिस्वास मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सुरक्षा प्रभारी भी हैं। छापेमारी के दौरान वे घर पर मौजूद नहीं मिले, जबकि ईडी ने जॉय कामदार को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें कथित अपराधी बिस्वजीत पोद्दार का नाम भी सामने आया है। ईडी का दावा है कि पोद्दार एक आपराधिक सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है, और जॉय कामदार की भी इसमें संलिप्तता पाई गई है।
ईडी की इस कार्रवाई पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “मेरे सुरक्षा प्रमुख के घर पर भी छापा मारा गया है। क्या भाजपा मेरी हत्या करवाकर बंगाल जीतना चाहती है?”
इसी बीच, एक और राजनीतिक हलचल में ममता बनर्जी की पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आईपैक को लेकर भी विवाद सामने आया है। हालांकि टीएमसी ने उन खबरों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि आईपैक ने अपना काम 20 दिनों के लिए रोक दिया है। पार्टी ने इसे भाजपा द्वारा फैलाया गया भ्रम बताया है।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों ने आईपैक से जुड़े एक मामले में फर्म के निदेशक ऋषि राज को सोमवार को नई दिल्ली तलब किया है। बताया जा रहा है कि 28 मार्च से अब तक बंगाल में ईडी की यह सातवीं बड़ी कार्रवाई है।
उधर, चुनाव आयोग ने भी पश्चिम बंगाल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। राज्य में 1.9 लाख केंद्रीय बलों और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। सभी जवानों को बॉडी कैमरे दिए जाएंगे और वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया गया है।
चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए हर बूथ पर एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा 474 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। हर मतदाता का दो बार सत्यापन किया जाएगा। एक बार बूथ से 100 मीटर पहले बने काउंटर पर और दूसरी बार बूथ के अंदर।
चुनाव से पहले पहली बार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों की कोलकाता में हाई-लेवल बैठक भी हुई, जिसमें इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी ग्रिड तैयार करने पर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान संभावित गड़बड़ियों पर सख्त निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना बताया गया है।