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kulgam terror attack chhattisgarh workers families to get 36 lakh compensation
रायपुर/कुलगाम। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों के परिवारों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मृतकों के परिजनों को कुल 36-36 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसमें 20 लाख रुपये छत्तीसगढ़ सरकार, 10 लाख रुपये जम्मू-कश्मीर सरकार और 6 लाख रुपये कुलगाम जिला प्रशासन की ओर से दिए जाएंगे।
नाम और धर्म पूछकर की गई हत्या
जानकारी के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लाम क्षेत्र में शुक्रवार शाम आतंकियों ने ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों को रोक लिया। इसके बाद उनका नाम और धर्म पूछा गया और दो हिंदू श्रमिकों को अलग कर उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। इस हमले में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के भूपेंद्र मेना (28) और सक्ती जिले के दीपक राठे (24) की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों मजदूरों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां एक की मौके पर और दूसरे की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों मृतकों के परिवारों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है और ऐसी घटनाएं किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
जम्मू-कश्मीर सरकार और जिला प्रशासन भी देगा सहायता
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी दोनों परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं कुलगाम जिला प्रशासन की ओर से 6-6 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की जाएगी। इस तरह प्रत्येक परिवार को कुल 36 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
गृह मंत्री विजय शर्मा ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने मृतकों के परिजनों से फोन पर बात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और आतंकियों को उनके अपराध की कड़ी सजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
परिवारों में पसरा मातम
हमले में जान गंवाने वाले भूपेंद्र मेना कुछ महीने पहले ही मजदूरी के लिए कश्मीर गए थे। उनके परिवार में बुजुर्ग दादी, बहन और एक छोटा बेटा है। परिवार को उनकी मौत की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
वहीं दीपक राठे भी बेहतर रोजगार की तलाश में परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर गए थे। कुछ समय पहले ही वे काम के सिलसिले में वहां पहुंचे थे। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरा देश एकजुट है। निर्दोष लोगों की हत्या करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी और केंद्र सरकार के साथ लगातार संपर्क में है।