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रायपुर। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर चल रही राजनीतिक बहस अब और तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा ने जहां विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया है, वहीं कांग्रेस ने भाजपा पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।
भाजपा ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। रायपुर में भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने विपक्ष पर तीखे हमले किए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विपक्ष के रवैये के कारण लागू नहीं हो सका है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पिछले तीन दशकों से महिला आरक्षण की बात तो करती रही है, लेकिन जब इसे लागू करने की बात आती है तो कोई न कोई बहाना बनाकर विरोध करती है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने परिसीमन का मुद्दा उठाकर इस बिल को आगे बढ़ने से रोका। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ऐसी पार्टियां धर्म के आधार पर आरक्षण की बात कर समाज में विभाजन पैदा करती हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने भी विपक्ष पर महिलाओं के अधिकारों के साथ ‘गद्दारी’ करने का आरोप लगाया।
वहीं, कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस 20 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर जनता में भ्रम फैला रही है।
उन्होंने दावा किया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ (128वां संविधान संशोधन) सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित भी है, इसलिए यह कानून बन चुका है। बैज ने सवाल उठाया कि जब कानून बन चुका है तो भाजपा इसे लागू क्यों नहीं कर रही है।