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महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा-भायंदर क्षेत्र में सोमवार तड़के हुई एक सनसनीखेज घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों से धर्म पूछकर हत्या किए जाने जैसी घटना की याद दिलाने वाले इस मामले में एक युवक ने निर्माणाधीन इमारत में ड्यूटी कर रहे दो सुरक्षा गार्डों से पहले उनका धर्म पूछा और फिर कथित तौर पर कलमा पढ़ने को कहा। जब एक गार्ड कलमा नहीं पढ़ सका, तो आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में दोनों गार्ड घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने 31 वर्षीय आरोपी जैब जुबैर अंसारी को मौके के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब महाराष्ट्र एटीएस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के स्तर तक पहुंच गई है। ठाणे की अदालत ने आरोपी को 4 मई तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस को दिए बयान में घायल सुरक्षा गार्ड सुब्रतो सेन ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 3 बजे आरोपी उसके पास पहुंचा और इलाके की एक मस्जिद के बारे में पूछताछ करने लगा। सेन ने उसे मस्जिद की दिशा बता दी, लेकिन जब उसने मस्जिद का नाम पूछा तो गार्ड ने अनभिज्ञता जताई। इसके बाद आरोपी ने उससे सीधे पूछा, “क्या तुम हिंदू हो?” इस पर सेन ने हां में जवाब दिया।
गार्ड के मुताबिक, आरोपी वहां से चला गया, लेकिन करीब एक घंटे बाद जब वह चाय पीकर अपनी पोस्ट पर लौट रहा था, तब आरोपी उसका पीछा करते हुए वापस पहुंचा। कुछ ही क्षणों में उसने चाकू निकाला और गार्ड पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे दूसरे गार्ड पर भी उसने वार किए।
जांच एजेंसियों को आरोपी के घर से कुरान की तीन प्रतियां, कुछ नोट्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले हैं। शुरुआती जांच में बरामद नोट्स में आईएसआईएस, लोन वुल्फ, जिहाद और गाजा जैसे शब्द लिखे होने की बात सामने आई है। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच करा रही है।
अधिकारियों को आशंका है कि आरोपी ऑनलाइन कट्टरपंथी सामग्री के संपर्क में आकर प्रभावित हुआ हो सकता है। बताया जा रहा है कि आरोपी करीब 20 साल तक अमेरिका में रहा था और छह साल पहले भारत लौटा था। उसके परिवार के कुछ सदस्य अब भी अमेरिका में रहते हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि फिलहाल इस घटना की जांच ‘लोन वुल्फ अटैक’ के एंगल से की जा रही है। ‘लोन वुल्फ’ ऐसे हमले को कहा जाता है जिसमें कोई व्यक्ति अकेले ही किसी विचारधारा से प्रेरित होकर हिंसक वारदात को अंजाम देता है, भले ही उसका किसी आतंकी संगठन से प्रत्यक्ष संपर्क न हो।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच केवल गिरफ्तार आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी पता लगाया जाएगा कि उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या प्रेरक तंत्र सक्रिय था या नहीं।
इस घटना की तुलना अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के वैसरन इलाके में हुए आतंकी हमले से की जा रही है, जहां आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाने से पहले उनका धर्म पूछा था और कलमा पढ़ने को कहा था। मीरा-भायंदर की घटना में भी सामने आए समान आरोपों ने जांच एजेंसियों को और सतर्क कर दिया है।
घटना के बाद मीरा रोड और नया नगर इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं जांच एजेंसियां आरोपी के संपर्कों, उसकी गतिविधियों और ऑनलाइन इतिहास की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
फिलहाल यह मामला केवल चाकूबाजी की घटना नहीं, बल्कि संभावित कट्टरपंथ और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।