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पंजाब के शंभू बॉर्डर के पास डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। सोमवार रात हुए इस धमाके में रेलवे ट्रैक का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि विस्फोटक लगाने वाला व्यक्ति भी धमाके की चपेट में आकर मारा गया। पुलिस जांच में मृतक की पहचान जगदीप सिंह उर्फ जगरूप सिंह के रूप में हुई है, जिसे खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह का करीबी बताया जा रहा है।
घटना के बाद पंजाब पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर इस मामले में चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े आतंकी मॉड्यूल के संपर्क में थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय एजेंसियां भी जांच में शामिल हो गई हैं।
कैसे हुआ धमाका
जानकारी के मुताबिक, सोमवार रात करीब 8:23 बजे अंबाला-अमृतसर रेलखंड के शंभू क्षेत्र में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ट्रैक पर तेज धमाका हुआ। उसी समय एक मालगाड़ी उस ट्रैक से गुजर रही थी। लोको पायलट को केवल तेज झटका महसूस हुआ और उसने तत्काल रेलवे अधिकारियों को सूचना दी।
जब रेलवे और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, तब पता चला कि ट्रैक करीब 9 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो चुका है। राहत की बात यह रही कि मालगाड़ी पटरी से नहीं उतरी और बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस के अनुसार, ट्रैक पर विस्फोटक लगाने के दौरान टाइमिंग गड़बड़ाने से आरोपी खुद ही धमाके की चपेट में आ गया। विस्फोट इतना तेज था कि उसके शरीर के टुकड़े करीब 100 मीटर तक बिखरे मिले। घटनास्थल से मिले मोबाइल सिम, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अन्य संदिग्धों तक पहुंच बनाई।
मृतक जगदीप सिंह के बारे में बताया जा रहा है कि वह पहले से कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल रहा था और अमृतपाल सिंह के समर्थन में लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचार भी कर चुका था।
65 दिनों में दूसरा धमाका
यह सबसे बड़ा चिंता का विषय इसलिए भी बन गया है क्योंकि इसी फ्रेट कॉरिडोर पर 65 दिनों के भीतर दूसरा धमाका हुआ है। इससे पहले 23 जनवरी 2026 को सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास भी इसी तरह ट्रैक पर विस्फोट हुआ था। लगातार दूसरी घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, दोनों बार निशाना वही कॉरिडोर बना जहां मुख्य रूप से मालगाड़ियां गुजरती हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि देश की आर्थिक आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित करने की साजिश रची जा रही थी।
पंजाब पुलिस की स्पेशल डीजीपी शशि प्रभा द्विवेदी ने बताया कि शुरुआती जांच में गिरफ्तार आरोपियों के विदेशी आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। एजेंसियों को संदेह है कि यह हमला सीमा पार बैठे संचालकों के इशारे पर कराया गया हो सकता है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटकों की सप्लाई कहां से हुई और क्या इसके पीछे कोई बड़ा मॉड्यूल सक्रिय है।
घटना के बाद पंजाब, हरियाणा और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। फ्रेट कॉरिडोर के संवेदनशील हिस्सों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। केंद्रीय एजेंसियां इस मामले को केवल रेलवे ट्रैक पर हमला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे पर संभावित आतंकी साजिश के रूप में देख रही हैं।
फिलहाल गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।