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India's big bang in the pharma world: Sun Pharma buys US company for Rs 1.10 lakh crore, making it the biggest deal ever.
मुंबई। भारत की दवा इंडस्ट्री के लिए यह एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है। Sun Pharmaceutical Industries ने अमेरिकी दिग्गज Organon को करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये में खरीदने का ऐलान किया है। यह किसी भी भारतीय फार्मा कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण माना जा रहा है।
शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, निवेशकों का भरोसा मजबूत
इस बड़ी डील की खबर आते ही सन फार्मा के शेयरों में 7 से 9 प्रतिशत तक की तेजी देखने को मिली। कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप संघवी ने इसे कंपनी के लिए गेमचेंजर बताया और कहा कि इस अधिग्रहण से सन फार्मा वैश्विक स्तर पर और मजबूत स्थिति में पहुंचेगी।
डील की डिटेल: 150 देशों में बढ़ेगा दबदबा
इस समझौते के तहत सन फार्मा, ऑर्गेनॉन के सभी शेयर 14 डॉलर प्रति शेयर के हिसाब से खरीदेगी। पूरा सौदा नकद में होगा और 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
इस अधिग्रहण के बाद कंपनी की पहुंच 150 से ज्यादा देशों में हो जाएगी और वह दुनिया की टॉप-25 फार्मा कंपनियों में शामिल हो सकती है।
महंगी पेटेंट दवाओं का मिलेगा फायदा
इस डील के बाद सन फार्मा को ऑर्गेनॉन की कई प्रीमियम और पेटेंट दवाओं का पोर्टफोलियो भी मिलेगा। खासतौर पर महिला स्वास्थ्य और बायोसिमिलर सेगमेंट में कंपनी की ताकत काफी बढ़ेगी। इससे कंपनी केवल जेनेरिक दवाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हाई-वैल्यू मेडिसिन मार्केट में भी मजबूती से उतर पाएगी।
कैसे बनी नंबर वन कंपनी: 10 हजार से शुरू हुआ सफर
सन फार्मा की शुरुआत बेहद छोटे स्तर पर हुई थी। 1983 में दिलीप सांघवी ने सिर्फ 10 हजार रुपये उधार लेकर एक कमरे से कंपनी शुरू की थी। आज यह कंपनी 100 से ज्यादा देशों में कारोबार कर रही है और हजारों प्रोडक्ट्स के साथ ग्लोबल मार्केट में मजबूत पहचान बना चुकी है।
नियामकों की मंजूरी बाकी, लेकिन संकेत बड़े बदलाव के
इस डील को अभी कई देशों के नियामक संस्थानों से मंजूरी मिलनी बाकी है। खासकर अमेरिका की एजेंसियां इसकी गहन जांच करेंगी ताकि बाजार में प्रतिस्पर्धा प्रभावित न हो।
क्या यह भारत के लिए नई फार्मा क्रांति की शुरुआत है?
यह अधिग्रहण सिर्फ एक कारोबारी सौदा नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक और औद्योगिक ताकत का प्रतीक है। अब सवाल यह है कि क्या सन फार्मा इस मौके को पूरी तरह भुना पाएगी और भारत को फार्मा सुपरपावर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।