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New phase of census from home: Now fill information from mobile, answers to 33 questions will create country's data.
नई दिल्ली। जनगणना की प्रक्रिया अब पूरी तरह बदलने जा रही है। इस बार लोगों को घर-घर फॉर्म भरने के बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए खुद अपनी जानकारी दर्ज करने का मौका मिलेगा। सरकार ने जनगणना को आसान और तेज बनाने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की है।अब नागरिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
सिर्फ 15 मिनट में पूरी होगी प्रक्रिया, 33 सवालों के देने होंगे जवाब
नई व्यवस्था के तहत नागरिकों को कुल 33 सवालों के जवाब देने होंगे। इन सवालों में परिवार की संरचना, शिक्षा, रोजगार, मकान की स्थिति, सुविधाएं और अन्य सामाजिक-आर्थिक जानकारी शामिल होगी।अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया लगभग 15 मिनट में पूरी की जा सकती है। इससे लोगों को लंबी प्रक्रिया और बार-बार के संपर्क से राहत मिलेगी।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प मौजूद
जो लोग डिजिटल माध्यम से जानकारी नहीं दे पाएंगे, उनके लिए पारंपरिक तरीका भी जारी रहेगा। जनगणना कर्मी घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।हालांकि सरकार का फोकस इस बार अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर है, ताकि डेटा संग्रहण तेज और सटीक हो सके।
क्यों जरूरी है यह जनगणना? समझें फायदे
जनगणना के जरिए सरकार को देश की आबादी, संसाधनों और जरूरतों का सटीक आकलन मिलता है। इससे योजनाएं बनाने और विकास कार्यों को सही दिशा देने में मदद मिलती है।
रोजगार और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की बेहतर योजना
बुनियादी सुविधाओं का सही वितरण
गरीब और जरूरतमंद वर्ग की पहचान
शहरी और ग्रामीण विकास की सटीक रणनीति
डेटा पूरी तरह सुरक्षित, गोपनीयता पर विशेष ध्यान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। इस डेटा का उपयोग केवल सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए किया जाएगा।
16 अप्रैल से शुरू हुई प्रक्रिया, 30 मई तक घर-घर पहुंचेगी टीम
जानकारी के मुताबिक, डिजिटल जनगणना की शुरुआत 16 अप्रैल से हो चुकी है। इसके बाद 30 मई तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर डेटा कलेक्ट करेंगे।
नागरिकों के लिए अहम अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे सही और सटीक जानकारी दें, ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके। यह सिर्फ एक फॉर्म भरने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य की योजना बनाने का आधार है।