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रायपुर। राज्य हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने नकटी में विधायक कॉलोनी बनाए जाने की चर्चाओं को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि वहां ऐसी कोई योजना प्रस्तावित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने झूठा नैरेटिव गढ़कर लोगों की भावनाओं को भड़काने और प्रदेश में अराजक माहौल बनाने की कोशिश की है, जो एक आपराधिक कृत्य है।
रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में मीडिया से चर्चा करते हुए सिंहदेव ने कहा कि नकटी की संबंधित भूमि अभी भी राजस्व विभाग के अधीन है। इस जमीन का किसी अन्य विभाग को हस्तांतरण नहीं किया गया है और न ही वहां किसी प्रकार की विधायक कॉलोनी या आवासीय परियोजना प्रस्तावित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ऐसा कोई प्रस्ताव ही नहीं है, तो फिर विवाद किस आधार पर खड़ा किया गया।
कांग्रेस सरकार के समय आया था प्रस्ताव
अनुराग सिंहदेव ने बताया कि कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने इस क्षेत्र में कॉलोनी निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा था। वहीं वर्तमान सरकार में 2 फरवरी 2026 को आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने विधायकों की समिति को लिखित रूप से स्पष्ट कर दिया था कि हाउसिंग बोर्ड के पास भूमि उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रशासन की थी
हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नकटी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा नियमित प्रक्रिया के तहत की गई थी। यह कार्रवाई अवैध कब्जों की शिकायतों के आधार पर हुई और इसका विधायक कॉलोनी से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने प्रभावित 66 परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 में सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराए हैं। इन मकानों में बिजली, पंखे और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की जा रही है तथा जल्द ही इन मकानों की रजिस्ट्री भी उनके नाम पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकांश परिवार नए मकानों में अपना सामान रख चुके हैं, जबकि कुछ लोग भ्रामक प्रचार के कारण अभी वहां नहीं पहुंचे हैं।
कांग्रेस पर लगाया दोहरा रवैया अपनाने का आरोप
सिंहदेव ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान सेरीखेड़ी में लगभग 150 अवैध कब्जों को बलपूर्वक हटाया गया था। बाद में उसी भूमि पर 61 विधायकों को प्लॉट आवंटित किए गए, लेकिन उस समय किसी भी विस्थापित परिवार का पुनर्वास नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि 27 गांवों के ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर 292 दिनों तक आंदोलन किया, लेकिन तत्कालीन भूपेश बघेल सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया। आंदोलन के दौरान सियाराम पटेल की मृत्यु हो गई थी, जिनके परिजनों को केवल चार लाख रुपये की सहायता दी गई।
“बलौदाबाजार जैसी स्थिति बनाने की कोशिश”
अनुराग सिंहदेव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नकटी मामले में झूठी जानकारी फैलाकर प्रदेश में तनाव पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह राजनीति नहीं बल्कि लोगों को भड़काने का प्रयास है और बलौदाबाजार जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति कराने की कोशिश की गई। उन्होंने सरकार से ऐसे मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की।
उन्होंने दोहराया कि नकटी में विधायक कॉलोनी निर्माण का कोई प्रस्ताव नहीं है और कांग्रेस द्वारा फैलाया जा रहा प्रचार पूरी तरह तथ्यहीन है।