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बिलासपुर। बिलासपुर–इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन का सफर अब यात्रियों के लिए पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक होने जा रहा है। रेलवे ने इस ट्रेन में चल रहे पुराने आईसीएफ कोच को हटाकर उनकी जगह आधुनिक एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगाने का निर्णय लिया है। इस बदलाव से यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलने के साथ ही सुरक्षा मानकों में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे लगातार ट्रेनों के आधुनिकीकरण की दिशा में कार्य कर रही है। इसी क्रम में बीते कुछ वर्षों से आईसीएफ कोच को चरणबद्ध तरीके से हटाकर एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। अधिकांश ट्रेनों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है, जबकि कुछ प्रमुख और पुरानी ट्रेनों में यह प्रक्रिया अब भी जारी है। नर्मदा एक्सप्रेस भी इन्हीं ट्रेनों में शामिल थी।
नर्मदा एक्सप्रेस बिलासपुर रेल मंडल की प्रमुख और व्यस्त ट्रेनों में से एक है। यह ट्रेन वर्षभर यात्रियों से भरी रहती है। पुराने कोच होने के कारण यात्रियों को कई बार असुविधा का सामना करना पड़ता था। अब एलएचबी कोच लगने से यात्रियों की ये परेशानियां दूर होंगी और यात्रा अधिक सहज हो सकेगी।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार 18234/18233 बिलासपुर–इंदौर–बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस बिलासपुर से 30 मार्च से तथा इंदौर से 31 मार्च से एलएचबी कोच के साथ संचालित की जाएगी।
एलएचबी कोच लगने से ट्रेन में सीटों की संख्या में भी वृद्धि होगी, जिससे अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही कोच के भीतर अधिक स्पेस उपलब्ध होने से यात्रियों को सामान रखने और आवागमन में भी सुविधा मिलेगी।
एलएचबी कोच की प्रमुख विशेषताओं में ब्रेक लगाते समय कम झटके लगना, कम मेंटेनेंस और अधिक टिकाऊ संरचना शामिल है। इनमें बेहतर एसी, उन्नत लाइटिंग सिस्टम और बायोटॉयलेट की सुविधा होती है। इसके अलावा इन कोचों में आग लगने की संभावना कम होती है तथा शोर और कंपन भी न्यूनतम रहता है। दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और बढ़ जाती है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार एलएचबी कोच 160 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने में सक्षम होते हैं, जबकि पुराने आईसीएफ कोच की अधिकतम सुरक्षित गति 110 से 120 किमी प्रति घंटे ही होती है। ऐसे में नर्मदा एक्सप्रेस में एलएचबी कोच जुड़ने से भविष्य में गति और सुरक्षा दोनों के लिहाज से बड़ा लाभ मिलेगा।