

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

national mango festival raipur chhattisgarh 2026
रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव का उद्घाटन राज्यपाल रमेन डेका ने किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि आम केवल एक फल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।

राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि भारत विश्व में आम उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी देश है और यहां एक हजार से अधिक किस्मों के आम पाए जाते हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थानीय आमों की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए किसानों से उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के उत्पादन और आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आम महोत्सव जैसे आयोजन विभिन्न राज्यों से आए उत्पादकों को नई खेती पद्धतियों, उन्नत किस्मों और नवाचारों की जानकारी साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। बस्तर, कोंडागांव, कांकेर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में आम उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। साथ ही महिला स्व-सहायता समूहों के लिए भी इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मैंगो टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर भी जोर दिया।

राज्यपाल ने आम के वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताते हुए कृषि विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को मिलकर काम करने की बात कही। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को भी बढ़ावा देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आम फलों का राजा है और इसका धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व भी अत्यधिक है। उन्होंने बताया कि आम की पत्तियों का उपयोग मांगलिक कार्यों में तोरण के रूप में तथा इसकी सूखी लकड़ियों का उपयोग हवन और पूजा में किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि महोत्सव में 250 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें बेर के आकार से लेकर बीजापुर के प्रसिद्ध हाथीझुल जैसे बड़े आकार के आम भी शामिल हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से महोत्सव का लाभ उठाने और विभिन्न किस्मों के आमों का अवलोकन करने की अपील की।
उद्घाटन के बाद राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर आम की विभिन्न किस्मों की जानकारी ली। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल सहित बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ और आम प्रेमी उपस्थित रहे।