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नई दिल्ली। NEET UG परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। CBI की आर्थिक अपराध शाखा ने मंगलवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में यह चार्जशीट पेश की। अब मामले की आगे की सुनवाई पेपर लीक मामलों के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी।
CBI के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों के बयान, 422 दस्तावेज और 43 महत्वपूर्ण डिजिटल व अन्य सबूत शामिल किए हैं।
पेपर लीक की पूरी कड़ी का पता लगाने का दावा
CBI ने दावा किया है कि जांच के दौरान NEET UG पेपर लीक की पूरी साजिश का खुलासा किया गया है। एजेंसी के अनुसार, लीक हुए प्रश्नपत्र के स्रोत से लेकर उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है।
जांच में सामने आया कि कुछ बिचौलियों ने कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र हासिल कर उसे आगे छात्रों तक पहुंचाया। इस नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग और परीक्षा विशेषज्ञ भी शामिल पाए गए।
इन 13 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई चार्जशीट
CBI की चार्जशीट में शामिल आरोपियों में NTA से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञ और कई बिचौलिए शामिल हैं।
1. मनीषा मंधारे – NTA बायोलॉजी विशेषज्ञ
2. प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी – NTA केमिस्ट्री विशेषज्ञ
3. मनीषा संजय हवालदार – NTA फिजिक्स विशेषज्ञ
4. मनीषा संजय वाघमारे – बिचौलिया
5. धनंजय निवृत्ति लोखंडे – बिचौलिया
6. शुभम माधुकर खैरनार – बिचौलिया
7. यश यादव – बिचौलिया
8. मंगलिलाल बिवाल – बिचौलिया
9. विकास बिवाल – बिचौलिया
10. दिनेश बिवाल – बिचौलिया
11. डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे – बिचौलिया
12. शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर – RCC कोचिंग इंस्टीट्यूट, लातूर के मालिक
13. तेजस हर्षदकुमार शाह – APMA कोचिंग इंस्टीट्यूट, पुणे में फिजिक्स फैकल्टी और COO
कई राज्यों में हुई छापेमारी
CBI ने मामले की जांच के दौरान महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में कार्रवाई की। एजेंसी ने कुल 92 स्थानों पर छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज और अन्य अहम साक्ष्य बरामद किए।
इन डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच कराई गई। CBI के अनुसार, जांच में डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हैंडराइटिंग विशेषज्ञों की रिपोर्ट और विषय विशेषज्ञों की राय भी शामिल की गई है।
बैंक खाते और डीमैट खाते किए गए फ्रीज
जांच एजेंसी ने आरोपियों के बैंक खातों, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाते को भी फ्रीज किया है। CBI का कहना है कि वित्तीय लेन-देन की जांच के जरिए पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
13 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
CBI के अनुसार, इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को की गई थी। इसके बाद अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें NTA से जुड़े फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
CBI ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, विश्वासघात, सबूत मिटाने और भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 और पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट 2024 के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
12 मई को दर्ज हुई थी FIR
CBI के मुताबिक, 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा में पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने 12 मई 2026 को जांच एजेंसी को शिकायत दी थी। इसी शिकायत के आधार पर CBI ने उसी दिन FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के लिए CBI ने 72 अधिकारियों और 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम बनाई थी।
CBI ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है। फॉरेंसिक जांच और नए तथ्यों के सामने आने के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत में गवाहों और सबूतों के आधार पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
NEET UG पेपर लीक केस में CBI की यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच एक बड़ा कदम मानी जा रही है।