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NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने पुणे से मास्टरमाइंड रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। वहीं परीक्षा रद्द होने और धांधली के तनाव में सीकर, दिल्ली, यूपी और गोवा में 4 छात्रों ने सुसाइड कर लिया है। पढ़ें पूरी सनसनीखेज रिपोर्ट।
नई दिल्ली। (NEET UG Paper Leak) देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी' (NEET-UG) को लेकर मचे घमासान के बीच एक तरफ जहां केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पेपर लीक गिरोह के सबसे बड़े सरगना को दबोच लिया है, वहीं दूसरी तरफ इस पूरे विवाद ने देश को झकझोर कर रख देने वाली त्रासदी का रूप ले लिया है। परीक्षा में धांधली और पेपर रद्द होने के मानसिक तनाव को न झेल पाने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में चार होनहार छात्रों ने आत्महत्या (Student Suicide) कर ली है।
CBI का बड़ा एक्शन: पेपर बनाने वाली कमेटी का सदस्य ही निकला ‘महागुरु’
(NEET Exam Cancelled) केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की जड़ों को हिलाकर रख दिया। अधिकारियों के मुताबिक, लातूर के रहने वाले रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को उनके पुणे स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया है।
चौंकाने वाला खुलासा: जांच में सामने आया है कि केमिस्ट्री (Chemistry) विशेषज्ञ प्रोफेसर कुलकर्णी कोई मामूली शिक्षक नहीं हैं, बल्कि वह उस नेशनल पैनल (कमेटी) के सदस्य रह चुके हैं जो पिछले कई सालों से नीट (NEET) के ओरिजिनल प्रश्नपत्र तैयार करता था।
घर पर बुलाई 'स्पेशल क्लास', बोलकर लिखवाए थे असली सवाल
अधिकारियों ने बताया कि प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच होने के कारण प्रोफेसर कुलकर्णी ने अपने घर पर एक 'विशेष कोचिंग क्लास' शुरू की थी। अप्रैल महीने में उन्होंने एक अन्य महिला आरोपी मनीषा वाघमारे (जिसे बुधवार को गिरफ्तार किया जा चुका है) की मदद से कुछ चुनिंदा छात्रों को इकट्ठा किया।
(NEET Paper Leak Mastermind) पूछताछ में पता चला है कि इस स्पेशल क्लास में कुलकर्णी ने छात्रों को नीट परीक्षा के प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर बोलकर नोटबुक में लिखवाए थे। 3 मई को जब नीट-यूजी परीक्षा का असली प्रश्नपत्र सामने आया, तो इन छात्रों की नोटबुक में लिखे सवाल उससे हूबहू (100%) मेल खा रहे थे।
(CBI Action Pune Latur) लातूर के बड़े कोचिंग संस्थानों पर CBI का शिकंजा
इस कार्रवाई के बाद सीबीआई की टीम ने शुक्रवार तड़के लातूर के मशहूर ‘रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस’ के निदेशक शिवराज मोटेगांवकर के घर और दफ्तर पर छापेमारी की। दोपहर तक चली इस मैराथन पूछताछ के बाद स्थानीय पुलिस ने कोचिंग के स्टाफ, काउंसलर और छात्रों समेत 6 अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। दो बड़े कोचिंग सेंटरों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं।
गंभीर त्रासदी: परीक्षा रद्द होने के सदमे में टूटे ‘कल के डॉक्टर’
(Student Suicide Case) एक तरफ जहां जांच एजेंसियां भ्रष्ट तंत्र को बेनकाब कर रही हैं, वहीं इस सिस्टम की नाकामी का खामियाजा देश के निर्दोष और होनहार छात्रों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है। देश के चार अलग-अलग राज्यों से दिल दहला देने वाली खबरें आई हैं। सी
1. सीकर (राजस्थान): 650 अंक आने की उम्मीद थी, प्रदीप ने दुनिया छोड़ी
राजस्थान के कोचिंग हब सीकर में नीट की तैयारी कर रहे होनहार छात्र प्रदीप ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मूल रूप से झुंझुनू के गुड्डा का रहने वाला प्रदीप पिछले 3 साल से सीकर में रहकर दिन-रात एक कर रहा था। 3 मई की परीक्षा के बाद उसने अपने पिता से बात कर कहा था, "पापा, इस बार पेपर शानदार गया है, 650 से ज्यादा नंबर आएंगे और मेरा डॉक्टर बनने का सपना पूरा हो जाएगा।" लेकिन सिस्टम की धांधली के आगे वह जिंदगी की जंग हार गया।
2. दिल्ली: रैंक की आस लगाए बैठी अंशिका ने लगाई फांसी
दिल्ली के आदर्श नगर इलाके से भी एक दर्दनाक वाकया सामने आया है। यहाँ नीट परीक्षा कैंसिल होने की खबरों से परेशान 20 वर्षीय छात्रा अंशिका ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। परिजनों के मुताबिक, अंशिका को इस साल बेहद शानदार रैंक मिलने की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा के मानसिक दबाव को उसका डॉक्टर बनने का हौसला बर्दाश्त नहीं कर पाया।
3. लखीमपुर खीरी (UP): तीसरे प्रयास में टूटी ऋतिक की उम्मीदें
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 21 वर्षीय ऋतिक मिश्रा ने पेपर रद्द होने के बाद डिप्रेशन (मानसिक तनाव) में आकर आत्महत्या कर ली। ऋतिक का यह तीसरा प्रयास (3rd Attempt) था। इस बार वह अपनी सफलता को लेकर पूरी तरह आश्वस्त था, लेकिन अचानक आई परीक्षा रद्द होने की खबर ने उसे भीतर से तोड़ दिया।
4. गोवा: सुसाइड नोट में लिखा- ‘अब कभी परीक्षाओं में नहीं बैठना’
गोवा में एक 17 वर्षीय छात्र सिद्धार्थ हेगड़े ने परीक्षा रद्द होने के सदमे में मौत को गले लगा लिया। सिद्धार्थ ने मरने से पहले एक बेहद भावुक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने लिखा कि, “वह अब इस भ्रष्ट सिस्टम में दोबारा किसी भी प्रतियोगी परीक्षा (Competitive Exams) में नहीं बैठना चाहता।”
प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव और छात्रों की मानसिक सेहत: एक बड़ा सवाल?
इन चार मौतों ने एक बार फिर देश की शिक्षा प्रणाली, कोचिंग सेंटरों के दबाव और एनटीए (NTA) की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महीनों और सालों तक बंद कमरों में 16-18 घंटे पढ़ाई करने वाले छात्रों का भरोसा जब इस तरह के पेपर लीक और घोटालों से टूटता है, तो परिणाम इतने आत्मघाती होते हैं।