

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

nmims campus nava raipur chhattisgarh vishnu deo sai
रायपुर। छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में मंगलवार को संस्थान की स्थापना के लिए लीज अनुबंध की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही भूमि की रजिस्ट्री भी संपन्न कर ली गई।
इसके साथ ही नवा रायपुर में NMIMS कैंपस स्थापित करने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के युवाओं को उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के लिए बड़े महानगरों पर निर्भरता कम करना है।
40 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक कैंपस
NMIMS का आधुनिक कैंपस नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में करीब 40 एकड़ भूमि पर विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को यह जमीन 90 वर्षों की लीज पर दी गई है।
राज्य मंत्रिपरिषद ने 21 जनवरी 2026 को NMIMS के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करते हुए मंगलवार को लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई।
संस्थान को पूरी तरह विकसित करने का लक्ष्य आगामी सात वर्षों में रखा गया है। वहीं, विद्यार्थियों को इसका लाभ इससे पहले ही मिलने लगेगा। दो से तीन वर्षों के भीतर पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने का लक्ष्य है। कैंपस के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद यहां करीब 10 हजार विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे।
प्रदेश के युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
NMIMS जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान के छत्तीसगढ़ में आने से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा होंगी। विद्यार्थियों को प्रबंधन, कौशल विकास, आधुनिक और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अपने ही प्रदेश में हासिल करने का अवसर मिलेगा।
इससे प्रदेश के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही देश के दूसरे हिस्सों से भी विद्यार्थी नवा रायपुर में पढ़ाई के लिए आ सकते हैं, जिससे शहर में विविधतापूर्ण शैक्षणिक वातावरण विकसित होगा।
शिक्षा के साथ रोजगार और उद्यमिता को भी मिलेगा बढ़ावा
NMIMS की स्थापना का असर केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। कैंपस के जरिए कौशल विकास, रोजगार, नवाचार और उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय से उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, शोध, नवाचार और उद्यमिता से जुड़ने के नए अवसर भी मिल सकते हैं।
नवा रायपुर बनेगा एजुकेशन और नॉलेज हब
राज्य सरकार नवा रायपुर अटल नगर को आधुनिक सुविधाओं वाले शहर के साथ-साथ एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। NMIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना इस योजना को और मजबूती देगी।
देश के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के आने से नवा रायपुर के शैक्षणिक और बौद्धिक वातावरण का विस्तार होगा। शिक्षा से जुड़ी सहायक गतिविधियों, सेवाओं और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। NMIMS की स्थापना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद तथा नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार मौजूद रहे।
लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री पूरी होने के साथ ही छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। आने वाले वर्षों में NMIMS कैंपस प्रदेश के हजारों युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ नवा रायपुर को देश के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।