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nta 600 experts removed neet ugc net paper leak exam reforms
मेडिकल कोर्सों में प्रवेश के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानि नीट में हुए पेपर लीक और अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा यानि नेट के पेपरों में गड़बड़ियों के बाद एनटीए ने प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उसका अनुवाद करने वाले करीब 600 विशेषज्ञों और प्रोफेसरों की टीम को हटा दिया है। उनकी जगह अब विशेषज्ञों की एक नई टीम गठित की जाएगी। इसके साथ ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानि एनटीए ने प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को और भी सख्त करने का फैसला लिया है। इसमें अब चार स्तरीय जांच प्रणाली लागू की जाएगी, ताकि प्रश्नपत्रों के लीक होने से लेकर उसमें गड़बड़ियों की कोई गुंजाइश ही न रहे।
एनटीए ने यह कदम सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी की फटकार और परीक्षाओं में लगातार मिल रही गड़बड़ियों के मुद्दे पर बुलाई गई बैठक के बाद उठाया है। जोशी ने पिछले महीने शिक्षा मंत्री का कार्यभार उस वक्त संभाला था, जब नीट-यूजी प्रश्नपत्र विवाद को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था।
आपको बता दें, कि हाल ही में यूजीसी-नेट के अंग्रेजी कॉमर्स और समाजशास्त्र के प्रशनपत्रों में मिली कई गड़बड़ियों के बाद इन्हें भी रद्द कर दिया गया था। इसके चलते भी एनटीए के प्रश्नपत्र तैयार करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे थे। मंत्री के निर्देशों के बाद एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा, कि परीक्षा टीम में बदलाव किया गया है, जिसके तहत 600 विशेषज्ञों को हटाते हुए उनकी जगह नए विशेषज्ञ शामिल किए जा रहे हैं। इसके साथ ही एनटीए ने कहा है, कि अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर 20 से 25 नए अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी जाएगी।
शिक्षा मंत्रालय ने इस बीच यह बताया है, कि एनटीए का कार्यालय राष्ट्रीय राजधानी में ओखला से मिंटो रोड पर स्थानांतरित किया जाएगा। वहां सुरक्षा के लिए सीआइएसएफ के जवानों की तैनाती की जाएगी। अभी तक एनटीए की सुरक्षा व्यवस्था निजी एजेंसियों के हाथों में थी। ऐसे में वहां आसानी से किसी की भी आवाजाही हो जाती थी। एनटीए की सुरक्षा व्यवस्था इसलिए भी खास हो जाती है, क्योंकि यह एक ऐसी एजेंसी है, जिसके जिम्मे नीट-यूजी, यूजीसी नेट, सीयूईटी-मेन, जेईई-मेन सहित दर्जनों प्रवेश परीक्षाओं का जिम्मा है।
इस बीच शिक्षा मंत्रालय ने निर्देश दिया है, कि स्थापित परीक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए। गोपनीयता और तकनीकी संचालन को लीक-प्रूफ बनाने के लिए सुरक्षित कमरों, एयर-गैप्ड कंप्यूटर सिस्टम का युद्ध स्तर पर क्रियान्वयन किया जाए। इसके अलावा एनटीए को सभी परीक्षाओं का एक व्यापक ऑडिट करने और उठाए गए सुधारात्मक कदमों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया है। यहां आपको यह भी बता दें, कि नीट पेपर लीक विवाद के बाद उठाए गए कदमों के तहत एनटीए ने जुलाई में कुल 47 अधिकारियों को बर्खास्त किया था, जिनमें से तीन अधिकारियों को सेवामुक्त भी कर दिया था।