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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा और जनसमर्पण के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी। इसी सिलसिले में छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक में कार्यक्रमों की रूपरेखा और तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश समेत प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी और सरकार के मंत्री मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए शिवप्रकाश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली, संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और देशहित में लिए गए बड़े फैसलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पार्टी और संगठन के प्रति समर्पण सीखना है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोदी का जीवन कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा है और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों को जनसेवा, संगठन और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए।
370 हटाने और राम मंदिर निर्माण का किया जिक्र
शिवप्रकाश ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लिए गए कई बड़े फैसलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक समय यह कल्पना करना भी मुश्किल था कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हट सकता है। इसी तरह अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना भी लंबे समय तक संघर्ष का विषय रहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने ऐसे कई फैसले होते देखे, जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व सीडीएस के बयान का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सेना को कार्रवाई के लिए पूरी स्वतंत्रता दी थी। शिवप्रकाश ने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में सरकार ने सेना के मनोबल और निर्णय क्षमता को मजबूत किया है।
साढ़े चार घंटे चली बैठक, मोदी ने नहीं उठाया फोन
शिवप्रकाश ने प्रधानमंत्री मोदी की संगठन के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण देते हुए राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक बैठक का प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करीब साढ़े चार घंटे चली। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी पूरे समय बैठक में मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि बैठक में 59 पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी, लेकिन प्रधानमंत्री ने पूरे समय सभी को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने न तो कोई फोन उठाया और न ही किसी की पर्ची ली। शिवप्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री का इस तरह हर कार्यकर्ता और पदाधिकारी की बात को धैर्यपूर्वक सुनना संगठन के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।
सुबह 9 बजे सभा के लिए बदल दिया कार्यक्रम
शिवप्रकाश ने विधानसभा चुनाव के दौरान कूच बिहार में हुई प्रधानमंत्री की सभा का उदाहरण भी दिया। उन्होंने बताया कि उस समय कूच बिहार में प्रधानमंत्री की एक सभा की आवश्यकता थी, लेकिन उनका कार्यक्रम पहले से तय था। जब यह बात प्रधानमंत्री तक पहुंची तो उन्होंने सुबह कार्यक्रम करने के लिए कहा।
इसके बाद सुबह 9 बजे सभा आयोजित की गई और बड़ी संख्या में लोग इसमें पहुंचे। शिवप्रकाश ने कहा कि संगठन की जरूरत के अनुसार प्रधानमंत्री का तत्काल निर्णय लेना और कार्यक्रम में बदलाव करना उनके संगठन के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
विदेश यात्रा के बाद भी काम करने की ऊर्जा का दिया उदाहरण
राष्ट्रीय सह महामंत्री ने प्रधानमंत्री की कार्यक्षमता और काम करने की ऊर्जा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा से लौटने के तुरंत बाद भी प्रधानमंत्री कैबिनेट की बैठक में शामिल हो जाते हैं। इसके बावजूद उनके चेहरे पर थकान नजर नहीं आती।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जितने प्रभावशाली वक्ता हैं, उतने ही अच्छे श्रोता भी हैं। हर परिस्थिति में एक जैसा बने रहना और लगातार काम करते रहना उनकी विशेषता है। शिवप्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री की कार्यशैली से भाजपा के कार्यकर्ताओं को सीख लेने की जरूरत है।
स्वच्छता से लेकर बेटी बचाओ अभियान तक का उल्लेख
शिवप्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने केवल सरकार चलाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि देश के सामाजिक स्वभाव में बदलाव लाने के लिए भी कई अभियान चलाए। उन्होंने स्वच्छता अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि जब देश में बेटियों की संख्या कम होने की चिंता सामने आई, तब 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियान के माध्यम से सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही नशा मुक्ति जैसे अभियानों के जरिए भी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया गया।
आत्मनिर्भर भारत और स्टार्टअप इकोसिस्टम का जिक्र
शिवप्रकाश ने कहा कि देश को आर्थिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढ़ाया गया। उन्होंने स्टार्टअप क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2011 तक देश में करीब 350 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर करीब 14 हजार तक पहुंच गई है।
उन्होंने डिजिटल क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि आज 11 देश यूपीआई का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने ग्रेट निकोबार से जुड़े फैसलों को भी भविष्य और इतिहास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक होंगे विशेष कार्यक्रम
बैठक के दौरान भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रमों को प्रभावी और व्यापक स्तर पर आयोजित करने पर जोर दिया। पार्टी की ओर से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शिवप्रकाश ने प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से इन कार्यक्रमों को जोरदार और प्रभावी तरीके से आयोजित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके संगठनात्मक समर्पण और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को भी कार्यकर्ताओं के बीच ले जाना जरूरी है।
बैठक में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रदेश संगठन से जुड़े नेता और सरकार के मंत्री मौजूद रहे। पार्टी ने आगामी विशेष अभियान को लेकर संगठन के स्तर पर तैयारियां तेज करने की दिशा में चर्चा की।