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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से अपने-अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना के साथ दीप जलाकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ में भागीदारी निभाने की अपील की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को बीरगांव के बुधवारी बाजार मैदान में आयोजित भगवान विश्वकर्मा पूजा एवं किसान-मजदूर सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और गरीब कल्याण के लिए समर्पित किया है। उनके जन्मदिन से शुरू हुआ ‘सेवा संकल्प अभियान’ समाज में सेवा और जनभागीदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है।
श्रम और सृजन के सम्मान से बनेगा विकसित छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन दो महत्वपूर्ण अवसरों के कारण विशेष है। एक ओर सृजन, निर्माण और शिल्प के आराध्य भगवान विश्वकर्मा की जयंती है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। भगवान विश्वकर्मा हमें कौशल, श्रम और सृजन के माध्यम से समाज के निर्माण की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि किसान के परिश्रम से देश के अन्न भंडार भरते हैं, जबकि श्रमिकों के श्रम से सड़क, भवन, उद्योग और दूसरी आधारभूत संरचनाएं तैयार होती हैं। किसान, मजदूर, कारीगर और शिल्पकार छत्तीसगढ़ की प्रगति के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। इन्हीं के सामर्थ्य और परिश्रम से विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प साकार होगा।
सेवा और जनकल्याण को शासन का आधार बताया
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब, किसान, मजदूर, युवा और महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने के लिए कई योजनाएं संचालित की गई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, घर-घर शौचालय, बिजली, नल से जल और जन-धन खातों जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प रखा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने भी वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का विजन तैयार किया है।
श्रमिकों के कल्याण के लिए योजनाओं का उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण को प्राथमिकता दे रही है। पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए जन्म से लेकर शिक्षा, आजीविका और अन्य जरूरतों तक विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने श्रमिक परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत 200 बच्चों को निजी आवासीय विद्यालयों में पढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपना पंजीयन कराने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि श्रमिक परिवारों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराने जैसी पहल की जा रही है, ताकि उन्हें स्वरोजगार और नियमित आय का साधन मिल सके।
किसानों की समृद्धि को बताया विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। किसानों को दो वर्षों का बकाया धान बोनस भी दिया गया है। इसके अलावा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए विभिन्न परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और श्रमिकों की मेहनत का सम्मान करना ही भगवान विश्वकर्मा के प्रति सच्ची श्रद्धा है। विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण तभी संभव है, जब अन्नदाता खुशहाल और श्रमवीर का परिवार सुरक्षित एवं समृद्ध हो।
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि महिलाओं को शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार और आजीविका के अवसरों से जोड़कर दीर्घकालीन रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
बीरगांव में ढाई साल में 175 करोड़ के विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि बीरगांव नगर निगम क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों में लगभग 175 करोड़ रुपए के विकास कार्य किए गए हैं। इन कार्यों से क्षेत्र की नगरीय अधोसंरचना मजबूत हुई है और नागरिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था सहित मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए नगरीय क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है। सरकार की विकास योजनाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव, कस्बे, छोटे शहर और दूरस्थ क्षेत्रों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
बस्तर में विकास और रोजगार के अवसरों का जिक्र
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के दूरस्थ अंचलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियद नेल्ला नार जैसी पहल के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
उन्होंने बस्तर के पर्यटन और वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं के रोजगार और जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
76 प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह में मुख्यमंत्री साय ने सामाजिक, सांस्कृतिक, कला, साहित्य, समाजसेवा, खेल और विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 76 प्रतिभाओं को सम्मानित किया। उन्होंने सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं।
कार्यक्रम को कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने भी संबोधित किया। उन्होंने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों से अपने घरों में ‘आशीर्वाद का दीप’ जलाने की अपील की।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री साय ने माता परमेश्वरी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर श्रमिकों, कारीगरों, शिल्पकारों, तकनीशियनों और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, किसान, श्रमिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।