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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की यातायात व्यवस्था को बेहतर, सुचारू और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान के तहत एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। रायपुर में पिछले 15 दिनों के भीतर लगभग 15 हजार ऑटो और ई-रिक्शा का डिजिटल पंजीकरण (Digital Registration) पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही रायपुर सार्वजनिक परिवहन में संचालित ऑटो और ई-रिक्शा जैसे वाहनों का व्यापक स्तर पर डिजिटल रजिस्ट्रेशन कराने वाला देश का पहला शहर बन गया है।
यह पूरा अभियान पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के नेतृत्व में 20 मई से 5 जून तक संचालित किया गया। इस अभियान के दौरान वाहन चालकों को क्यूआर कोड (QR Code) स्कैन कर मोबाइल के माध्यम से घर बैठे निशुल्क पंजीकरण की बेहद आसान सुविधा दी गई थी।
डिजिटल पंजीकरण की इस प्रक्रिया के बाद अब अगले चरण में सभी पंजीकृत ऑटो और ई-रिक्शा में विशेष क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इस तकनीक के लागू होने से सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत होगी। यात्री जैसे ही वाहन में लगे क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, उन्हें संबंधित वाहन और उसके चालक की पूरी जानकारी तुरंत मोबाइल पर मिल जाएगी। इस पारदर्शी व्यवस्था से यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और देर रात सफर करने वाले लोगों की सुरक्षा में भारी बढ़ोतरी होगी। किसी भी आपात स्थिति या जरूरत पड़ने पर पुलिस और आम जनता के लिए संबंधित वाहन की सटीक पहचान करना बेहद आसान हो जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने जनता से भी अपील की है कि वे सफर के दौरान केवल क्यूआर कोड लगे ऑटो और ई-रिक्शा का ही उपयोग करें।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि अब तक 15 हजार से अधिक वाहन चालकों के आवेदनों को एक साथ अनुमोदित (Approve) किया जा चुका है। हालांकि, जो चालक किसी कारणवश इस समयावधि में अपना पंजीकरण नहीं करा सके हैं, उन्हें एक आखिरी अवसर दिया जा रहा है।
ऑटो और ई-रिक्शा यूनियन के विशेष अनुरोध पर प्रशासन ने पंजीकरण की समय सीमा को सात दिन और बढ़ा दिया है। प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इस बढ़ाए गए 7 दिनों के अंतिम अवसर के बाद बिना डिजिटल पंजीकरण के कोई भी ऑटो या ई-रिक्शा रायपुर की सड़कों पर संचालित होते पाया गया, तो संबंधित वाहन के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।