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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी रविवार को छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर अभनपुर पहुंचे. यहाँ उन्होंने कांग्रेस के 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शामिल होकर संगठन को मजबूत करने का मंत्र दिया. इस दौरे के दौरान राहुल गांधी का एक बेहद अनौपचारिक अंदाज देखने को मिला, तो वहीं बंद कमरे में उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों की क्लास लेते हुए बेहद तल्ख हिदायतें भी दीं.
राहुल गांधी रायपुर में प्रशिक्षण शिविर से एयरपोर्ट लौटते समय अचानक अपना काफिला रुकवाकर एक स्थानीय चाय की टपरी पर जा पहुंचे. यहाँ उन्होंने न सिर्फ चाय की चुस्कियां लीं, बल्कि बिस्कुट भी खाया.
इस दौरान उनके साथ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पीसीसी चीफ दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी मौजूद रहे. पूरे दौरे में सचिन पायलट और राहुल गांधी के बीच जबरदस्त जुगलबंदी देखने को मिली. राहुल गांधी खुद पायलट और भूपेश बघेल को अपनी गाड़ी में बैठाकर कार्यक्रम स्थल तक लेकर पहुंचे थे, जो राज्य की राजनीति में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश मानी जा रही है.
प्रशिक्षण शिविर के दौरान राहुल गांधी ने जिला और शहर अध्यक्षों के साथ सीधी संवाद खिड़की खोली. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संगठन में 'व्यक्ति पूजा' की कोई जगह नहीं होनी चाहिए.
राहुल गांधी के कड़े बोल: “नेताओं के लिए कम और अपनी जान हथेली पर रखकर लड़ने वाले कार्यकर्ताओं के लिए ज्यादा सोचें. गुटबाजी से पूरी तरह दूर रहें. बिना डरे काम करें, जनता के बीच जाएं और उनके मुद्दों को बेबाकी से उठाएं.”
राहुल गांधी ने साफ किया कि कांग्रेस का अगला लक्ष्य 'मिशन 2028' है, जिसके तहत हर एक कार्यकर्ता को एकजुट करना होगा. उन्होंने संगठन को कसने के लिए एक नया फॉर्मूला देते हुए कहा कि अब हर जिला अध्यक्ष की एक-एक गतिविधि की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी. जिन पदाधिकारियों का परफॉर्मेंस अच्छा और जमीन पर सक्रिय रहेगा, पार्टी उन्हें ही आगे बड़ी जिम्मेदारी सौंपने पर विचार करेगी. उन्होंने ब्लॉक और बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत बनाने के निर्देश दिए.
संगठन से संवाद के दौरान राहुल गांधी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र करते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला. राहुल ने कहा, "केंद्र की मोदी सरकार अमेरिका के सामने दब रही है. सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में कॉम्प्रोमाइज किया जा रहा है, जिससे देश को सीधा नुकसान हो रहा है." उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ खास लोगों की जेबें भरने के लिए ही केंद्र द्वारा नीतियां बनाई जा रही हैं, जिससे अमीर और अमीर होता जा रहा है.
छत्तीसगढ़ की स्थानीय परिस्थितियों पर बात करते हुए राहुल गांधी ने पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तमनार और हसदेव जैसी समृद्ध जगहों से जंगलों को खत्म करके खनिजों का अंधाधुंध दोहन किया जा रहा है, जिसके खिलाफ कांग्रेस मुखर होकर आवाज उठाएगी.
उन्होंने राज्य के नेताओं को सुझाव दिया कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए इसे तीन अलग-अलग भागों में बांटकर स्थानीय स्तर पर रणनीति और प्लान तैयार करें. जल, जंगल और जमीन की लड़ाई को अलग तरीके से लड़ना होगा. राहुल ने भरोसा दिलाया कि चाहे आरक्षित वर्ग हो, बेरोजगार हो, छात्र हो या कोई भी पीड़ित वर्ग, सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी.