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रायपुर। राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी शोएब ढेबर पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है और गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा है।
पुलिस की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शोएब ढेबर की गिरफ्तारी या उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली महत्वपूर्ण सूचना देने वाले व्यक्ति को इनाम दिया जाएगा। पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पहले गिरफ्तार हुआ था शोएब, जमानत के बाद हुआ फरार
रंगदारी के इस मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने शोएब ढेबर की भूमिका सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। हालांकि, बाद में उसे अदालत से जमानत मिल गई और उसे रिहा करना पड़ा।
जमानत के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए शोएब की दोबारा गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से अनुमति ली। इसके बाद से ही शोएब पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस का कहना है कि वह लगातार स्थान बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा है।
विदेशी नंबर से आया था धमकी भरा कॉल
पूरा मामला 14 सितंबर को सामने आया था। कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को एक विदेशी नंबर से WhatsApp के जरिए धमकी दी गई थी। आरोप है कि फोन करने वाले ने खुद को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताते हुए कुकरेजा से 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी।
धमकी मिलने के बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस ने केस दर्ज कर तकनीकी और अन्य माध्यमों से जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर शोएब ढेबर का नाम सामने आया और उसकी भूमिका की जांच की गई।
पुलिसकर्मियों पर भी हुई कार्रवाई
शोएब ढेबर की तलाश के दौरान पुलिस ने अपने ही विभाग के दो पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की है। ये दोनों पुलिसकर्मी एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) में तैनात बताए जा रहे हैं।
इनके नाम कॉन्स्टेबल शिवम द्विवेदी और राहुल सिंह गौतम बताए गए हैं। दोनों पर संबंधित केस से जुड़ी विभागीय गोपनीय जानकारी लीक करने का आरोप सामने आया है। हालांकि, इस कार्रवाई और आरोपों को लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक पुष्टि सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस अब इस पूरे मामले में यह भी पता लगाने में जुटी है कि फरार आरोपी तक पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी जानकारी कैसे पहुंच रही थी और उसे किस स्तर पर मदद मिल रही थी।
पूर्व महापौर एजाज ढेबर से भी मांगे गए थे 50 करोड़
रायपुर में रंगदारी की धमकियों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पूर्व महापौर एजाज ढेबर से भी बिश्नोई गैंग और अमन साव गैंग के नाम पर 50 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगे जाने का मामला सामने आया था।
इस मामले में एजाज ढेबर ने कोतवाली थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने और एजाज ढेबर से 50 करोड़ रुपए मांगने वाले मामलों के बीच कोई आपसी कनेक्शन है या नहीं।
पुलिस के सामने कई सवाल
दोनों मामलों में गैंगस्टरों के नाम का इस्तेमाल कर बड़ी रकम की मांग किए जाने के बाद पुलिस जांच कई एंगल से आगे बढ़ रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी देने वाले वास्तव में किसी संगठित गैंग से जुड़े हैं या फिर गैंग का नाम लेकर लोगों को डराकर रंगदारी वसूलने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने जांच और पूछताछ से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। वहीं, शोएब ढेबर की गिरफ्तारी पुलिस के लिए अहम चुनौती बनी हुई है। पुलिस ने आम लोगों से भी आरोपी के बारे में सूचना मिलने पर पुलिस को जानकारी देने की अपील की है।