

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

raipur accountant robbery employee mastermind rs 10 lakh loot case
रायपुर। मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन कारोबारी के अकाउंटेंट से 10 लाख रुपये की लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले का मास्टरमाइंड कोई बाहरी गिरोह नहीं, बल्कि कंपनी का ही कर्मचारी दिनेश राव निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 9.70 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं, जबकि वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम कारोबारी कैलाशनाथ अग्रवाल के अकाउंटेंट विद्यासागर डहरिया मजदूरों के भुगतान के लिए 10 लाख रुपये लेकर नया रायपुर जा रहे थे। इसी दौरान सेरीखेड़ी के पास बाइक सवार बदमाशों ने चाकू की नोक पर उनसे रुपयों से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए।
जांच में सामने आया कि कंपनी में कार्यरत दिनेश राव को पहले से जानकारी थी कि मजदूरों के भुगतान के लिए बड़ी रकम भेजी जा रही है। उसे यह भी पता था कि रकम कौन लेकर जाएगा और किस रास्ते से नया रायपुर पहुंचेगा। लालच में आकर उसने अपने रिश्तेदार और उसके दोस्त के साथ मिलकर पूरी लूट की साजिश रच डाली।
पुलिस के अनुसार, दोनों बदमाश समता कॉलोनी स्थित कंपनी कार्यालय के आसपास पहले से मौजूद थे। अकाउंटेंट के ऑफिस से निकलते ही उन्होंने उनका पीछा शुरू कर दिया। करीब 10 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद सेरीखेड़ी-नया रायपुर ब्रिज के पास बाइक रुकवाकर चाकू दिखाया और रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने समता कॉलोनी से सेरीखेड़ी तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस दिनेश राव तक पहुंची। पूछताछ में उसने पूरी साजिश कबूल कर ली।
जांच में यह भी पता चला कि लूट के बाद तीनों आरोपी नया रायपुर के एक पोहा पॉइंट पर मिले थे, जहां उन्होंने रकम के बंटवारे और आगे की रणनीति पर चर्चा की थी। हालांकि, पुलिस ने दिनेश राव के कब्जे से 9.70 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं।
वहीं, वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी अभनपुर के रास्ते ओडिशा फरार हो गए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।