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रायपुर। होली के त्योहार पर पुलिस की सख्ती, ड्रोन निगरानी और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद राजधानी रायपुर में हिंसा की कई घटनाएं सामने आईं। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में चाकूबाजी और हत्या की वारदातें हुईं, लेकिन सबसे ज्यादा मामले रायपुर में दर्ज किए गए। यहां महज 24 घंटे के भीतर चार अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, इन घटनाओं के पीछे मुख्य वजह नशा और मामूली विवाद रहा। त्योहार के दौरान शराब के नशे में लोगों के बीच छोटे-छोटे झगड़े इतने बढ़ गए कि वे हत्या तक पहुंच गए। हालांकि पुलिस ने सभी मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इन घटनाओं के बाद इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
पुलिस का दावा है कि होली को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शहर में 3500 से अधिक पुलिस जवान तैनात किए गए थे और ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही थी। इसके अलावा त्योहार से पहले 800 से अधिक निगरानी बदमाशों को जेल भेजा गया और 600 से ज्यादा वाहनों को जब्त किया गया। बावजूद इसके, हत्या की इन घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिना बताए अस्पताल ले जाने पर भाई की हत्या
पहली घटना विधानसभा थाना क्षेत्र के मटिया गांव की है। होली के दिन 4 मार्च की सुबह कमलेश विश्वकर्मा के बच्चे की अचानक तबीयत खराब हो गई। उस समय कमलेश अपने दोस्तों के साथ होली खेलने गया हुआ था।
कमलेश की पत्नी ने अपने देवर दिनेश (28) को बच्चे को अस्पताल ले जाने के लिए कहा। दिनेश अपनी भाभी और भतीजे को लेकर अस्पताल गया और इलाज कराने के बाद घर लौट आया।
घर पहुंचने पर कमलेश को जब यह पता चला कि बच्चे की तबीयत खराब थी और उसे अस्पताल ले जाया गया, तो वह नाराज हो गया। उसने पत्नी से पूछा कि उसे इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया।
दिनेश ने बीच-बचाव कर अपने भाई को समझाने की कोशिश की, लेकिन कमलेश और उसके छोटे भाई अखिलेश ने मिलकर दिनेश की डंडों से बेरहमी से पिटाई कर दी। मारपीट इतनी ज्यादा थी कि दिनेश गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि कमलेश नशे में था और मामूली विवाद में उसने अपने ही भाई की जान ले ली।
रंग लगाने से मना किया तो चाकू से हमला
दूसरी घटना आरंग इलाके की है। होली के दिन मूर्तिकार नीरज लोधी अपने साथियों मोनू ठाकुर और निलेश लोधी के साथ चाय पीने जा रहा था।
साहू पारा के पास कुछ युवकों ने उनकी बाइक रोक ली और जबरदस्ती रंग लगाने की कोशिश करने लगे। नीरज ने इसका विरोध किया, जिससे विवाद शुरू हो गया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट होने लगी। इसी दौरान आरोपी मनीष निषाद ने चाकू निकाल लिया और नीरज पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण नीरज की मौके पर ही मौत हो गई।
होली के डांस में टकराव, चाकू मारकर हत्या
तीसरी घटना माठ इलाके की है। यहां होली के दौरान चल रहे डांस कार्यक्रम में युवक आपस में टकरा गए। इस छोटी सी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।
रामेश्वर पटेल और हीरा पटेल नाम के दो भाइयों ने मोहित धीवर और उसके भाई कुबेर की जमकर पिटाई कर दी। विवाद इतना बढ़ गया कि रामेश्वर घर से चाकू लेकर आया और मोहित पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
गंभीर रूप से घायल मोहित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
चौथी घटना चुनाभट्टी इलाके की है। यहां राजा साहू की उसके ही दोस्त बिट्टू यादव ने चाकू मारकर हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि बिट्टू गुरुवार सुबह राजा के घर पहुंचा और उसे अपनी मोपेड में बैठाकर रेलवे इंजीनियरिंग कॉलोनी की ओर ले गया। बिट्टू की गाड़ी पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके लिए वह राजा को जिम्मेदार मान रहा था।
दोनों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हो गया। बिट्टू का आरोप था कि गाड़ी की मरम्मत में जो खर्च आया है, उसका पैसा राजा नहीं दे रहा था। गुस्से में आकर बिट्टू ने चाकू से हमला कर राजा की हत्या कर दी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि होली के दौरान हुई ज्यादातर घटनाओं में शराब का नशा मुख्य वजह रहा। नशे में लोग मामूली विवाद को भी बड़ा बना देते हैं और हिंसक वारदात को अंजाम दे देते हैं। पुलिस ने चारों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।