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raipur ministry bus fire 35 employees safe
रायपुर। राजधानी रायपुर में मंत्रालय से करीब 35 कर्मचारियों को लेकर कबीर नगर जा रही एक सिटी बस में बुधवार शाम अचानक आग लग गई। बस रवाना होने से पहले ही उसके पिछले हिस्से से धुआं उठने लगा था। कुछ ही देर में धुआं तेज होकर आग की लपटों में बदल गया। देखते ही देखते आग ने बस के पिछले हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि बस में सवार सभी कर्मचारी समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए और बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के मुताबिक, सीजी 04 ई 3073 नंबर की यह करीब 14 साल पुरानी सिटी बस मंत्रालय से कर्मचारियों को लेकर कबीर नगर जा रही थी। बुधवार शाम बस रवाना होने की तैयारी में थी। बस में कर्मचारी बैठ चुके थे और कुछ ही देर बाद उसे रवाना होना था। इसी दौरान बस के पीछे बैठे एक युवक ने आग लगने की जानकारी दी।
युवक के बताने के बाद चालक ने बस को तुरंत रोका। इसके बाद कर्मचारियों को बस से बाहर निकाला जाने लगा। कुछ ही समय में आग इतनी तेजी से फैल गई कि बस का पिछला हिस्सा पूरी तरह लपटों से घिर गया। कर्मचारियों के सुरक्षित बाहर निकलने के कारण किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
घटना की सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
कर्मचारियों के मुताबिक बस में आग बुझाने के लिए पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था भी नहीं थी। आग लगने के बाद मंत्रालय परिसर में रखे करीब 10-10 किलो के अग्निशमन यंत्र लाकर आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं हुआ। इसके बाद दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया।
आग इतनी भीषण थी कि करीब 20 मिनट में बस लगभग पूरी तरह जल गई। घटना के दौरान बस से उठता धुआं और आग की लपटें काफी दूर तक दिखाई दे रही थीं।
खस्ताहाल बसों की मेंटेनेंस पर उठे सवाल
घटना के बाद मंत्रालय में चलने वाली बसों की हालत और उनके रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जिस बस में रोजाना बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी सफर करते हैं, उसकी फिटनेस और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच बेहद जरूरी है।
मंत्रालय से आने वाली बस में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की प्रारंभिक जानकारी सामने आने के बाद अब यह भी जांच का विषय है कि इतनी पुरानी बस को किस तरह फिटनेस प्रमाणपत्र मिला और उसका नियमित मेंटेनेंस किस स्तर पर किया जा रहा था।
विरोध में आज कार्यालय में प्रवेश नहीं करेंगे कर्मचारी
घटना के बाद मंत्रालय के कर्मचारियों ने बसों की खराब स्थिति और मेंटेनेंस को लेकर विरोध का फैसला लिया है। कर्मचारी संघ ने निर्णय लिया है कि 24 सितंबर की सुबह कोई भी कर्मचारी कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं करेगा। सभी कर्मचारी मुख्य द्वार पर एकत्र होकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेंगे।
संघ का कहना है कि बसों के खराब मेंटेनेंस को लेकर लंबे समय से रजिस्ट्रार शाखा और एनआरडीए के अधिकारियों से चर्चा की जा रही है। इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
अधिकारियों ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
नगर निगम रायपुर के एडिशनल कमिश्नर लोकेश्वर साहू ने कहा कि मंत्रालय से आने वाली बस में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की प्रारंभिक जानकारी मिली है। आग कैसे लगी और इसकी प्रक्रिया क्या थी, इसकी जांच की जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना ने मंत्रालय आने-जाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और पुरानी बसों के रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि आग लगने के समय बस रवाना हो चुकी होती और उसमें कर्मचारी सवार रहते, तो स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती थी।