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रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र से एक बेहद दहलाने और मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कलयुगी पिता ने अपनी ही नाबालिग बेटी को अपनी हवस का शिकार बनाया, जिससे वह गर्भवती हो गई। इसके बाद आरोपियों ने मिलकर पीड़िता की उम्र छिपाने और उसे बालिग व विवाहित दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए और एक निजी अस्पताल में उसका प्रसव कराया। सनसनीखेज बात यह है कि प्रसव के बाद नवजात बेटे को करीब 1.10 लाख रुपये में एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया।
पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़िता के पिता और बुआ समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, पुलिस ने दबिश देकर नवजात बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया है।
इस तरह हुआ सनसनीखेज मामलों का खुलासा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता की घटना के समय उम्र 16 वर्ष से कम थी। उसने 17 अगस्त को न्यू राजेंद्र नगर थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में उसके पिता ने अमलीडीह स्थित एक रिश्तेदार के घर में उसे जान से मारने की धमकी देकर अपनी हवस का शिकार बनाया। किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी जाती रही, जिसके डर से वह लंबे समय तक चुप रही। इसके बाद आरोपी पिता लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा, जिससे वह गर्भवती हो गई।
गर्भपात का प्रयास और दूसरी बार गर्भवती होने पर रची गई साजिश
जब पीड़िता ने अपने गर्भवती होने की जानकारी अपनी बुआ को दी, तो बुआ ने तुरंत यह बात उसके पिता को बताई। इसके बाद आरोपी पिता गर्भपात की दवा लेकर आया और बुआ की मदद से पीड़िता के साथ मारपीट कर उसे जबरन वह दवा खिला दी, जिससे उसका गर्भपात हो गया।
कुछ समय बीतने के बाद आरोपी पिता ने फिर से उसका लगातार शारीरिक शोषण किया, जिसके चलते वर्ष 2025 में वह दोबारा गर्भवती हो गई। जब गर्भावस्था की बात सामने आई, तो इस बार पहचान छिपाने के लिए एक बड़ा षड्यंत्र रचा गया।
पिता पीड़िता को बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल के घर ले गया। बरखा ने उसे अपने पास रखने और सुरक्षित प्रसव कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसे अपनी परिचित योगिता राय उर्फ गीता राय के घर भेज दिया गया, जहां पीड़िता करीब दो महीने तक छिपी रही।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे अस्पताल में भर्ती और 1.10 लाख में सौदा
जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीड़िता की वास्तविक उम्र छिपाई और उसे बालिग व विवाहित दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इन फर्जी कागजातों के आधार पर उसे चंगोराभाठा स्थित वासुदेव अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के जरिए उसने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद नवजात शिशु को डॉक्टर, पीड़िता के पिता और अन्य सहयोगियों की मिलीभगत से एक अन्य व्यक्ति को सौंप दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे सौदे में नवजात को करीब 1.10 लाख रुपये में बेचा गया था। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि यह रकम किसके हाथों में गई, बच्चा किस व्यक्ति को सौंपा गया और इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
नर्स और एमआर की संदिग्ध भूमिका, बड़े रैकेट का अंदेशा
गिरफ्तार आरोपियों में योगिता राय उर्फ गीता राय और बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल नर्स का काम करती हैं। अलग-अलग अस्पतालों में आना-जाना होने के कारण उनका दायरा व्यापक था। पुलिस इस एंगल पर भी गहराई से जांच कर रही है कि अस्पताल में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नाबालिग को भर्ती कराने में इन दोनों की क्या सटीक भूमिका रही। इसके अलावा, मामले में कुछ आरोपियों के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) के रूप में काम करने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस अब इस पूरी चेन—अस्पताल में भर्ती कराने, फर्जी दस्तावेज बनवाने, प्रसव कराने से लेकर बच्चे को खरीदार तक पहुंचाने—की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस को यह भी अंदेशा है कि इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया होगा। आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, अस्पताल के रिकॉर्ड्स और संपर्कों की गहन छानबीन की जा रही है।
गिरफ्तार किए गए छह आरोपी और उनकी भूमिका
न्यू राजेंद्र नगर पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को धर दबोचा है और उनके पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं:
पीड़िता का पिता: नाबालिग बेटी से लगातार दुष्कर्म, गर्भवती करने, गर्भपात कराने और बाद में नवजात को बेचने की साजिश में मुख्य आरोपी।
पीड़िता की बुआ: पीड़िता के गर्भवती होने की बात पिता तक पहुंचाने और गर्भपात की दवा खिलाने में सक्रिय सहयोग।
योगिता राय उर्फ गीता राय (32): नाबालिग को अपने घर में पनाह देने, पहचान छिपाने और फर्जी दस्तावेजों के सहारे वासुदेव अस्पताल में भर्ती कराने में मुख्य भूमिका।
बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल (34): पीड़िता को अपने पास रखने, गीता राय के पास भेजने और सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था करने वाली आरोपी।
रोहित कुमार राय (35, निवासी करण नगर, चंगोराभाठा): आपराधिक कृत्य में सहयोग और नवजात को दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाने की कड़ी।
साहेब मंडल (42, निवासी ऋषभ नगर): साजिश में सहयोग और अन्य आरोपियों के साथ समन्वय स्थापित करने वाला आरोपी।
पुलिस का कहना है कि मामले में विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर इस अवैध मानव तस्करी और कुकृत्य से जुड़े अन्य चेहरों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा।