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कॉलेजों में शुरू होगी ‘रक्षक’ पाठ्यक्रम की पढ़ाई, बाल सुरक्षा को मिलेगा मजबूत आधार
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने राज्य के कॉलेजों में “रक्षक (RAKSHAK) पाठ्यक्रम” लागू करने की दिशा में अहम पहल की है। इस विशेष पाठ्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और समाज में बाल संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना है।
इस पाठ्यक्रम को लागू करने के लिए पहले ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े और उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा के सहयोग से एमओयू किया जा चुका है। इसे राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में लागू करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसी क्रम में बुधवार को रायपुर के होटल बेबिलोन में विश्वविद्यालय स्तरीय परामर्श बैठक आयोजित की गई, जिसमें “रक्षक” पाठ्यक्रम की उप-इकाइयों को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके बाद आयोग के सचिव प्रतीक खरे और डायरेक्टर संगीता बिंद ने अतिथियों का स्वागत किया।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि “रक्षक पाठ्यक्रम केवल शैक्षणिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत सामाजिक अभियान है। इसे प्रभावी रूप से लागू कर नई पीढ़ी को जागरूक और सुरक्षित बनाना हमारा लक्ष्य है।”
बैठक में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय (सरगुजा), श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (भिलाई), एमिटी यूनिवर्सिटी और अंजनेय यूनिवर्सिटी के कुलपति, कुलसचिव, प्रतिनिधि और विषय विशेषज्ञ शामिल हुए।
परामर्श बैठक का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम की रूपरेखा और उसकी उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा कर उसे अंतिम स्वरूप देना था, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से इसे लागू किया जा सके। विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम को व्यवहारिक और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने इस पहल को समय की जरूरत बताते हुए आयोग की सराहना की और इसके सफल क्रियान्वयन में सहयोग का भरोसा दिलाया। आयोग को उम्मीद है कि “रक्षक” पाठ्यक्रम जल्द ही राज्य के कॉलेजों में लागू होगा, जिससे बाल अधिकारों की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और बच्चों के सुरक्षित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।