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रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक गतिरोध में बदल चुका है। एक तरफ जहां राजस्व अमला विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लामबंद हो गया है, वहीं दूसरी तरफ विधायक ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी बहन के सम्मान से जुड़ा मामला बताया है।
गुरुवार को इस मामले में नया मोड़ तब आया जब राजस्व निरीक्षक संघ के पदाधिकारी और सदस्य भारी संख्या में सीतापुर थाने पहुंचे। संघ ने नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ हुई कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार के विरोध में विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
राजस्व संघ ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दोषियों की गिरफ्तारी जल्द नहीं की गई, तो वे सामूहिक हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। संघ का कहना है कि ऑन-ड्यूटी सरकारी अधिकारी के साथ इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इससे कर्मचारियों का मनोबल टूटता है।
इस पूरे बवाल और एफआईआर दर्ज होने के बाद सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई दी है। विधायक ने कहा “मेरी बहन के साथ तहसीलदार द्वारा दफ्तर में दुर्व्यवहार किया गया था। इस घटना के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों में आक्रोश जरूर था, लेकिन मैंने खुद किसी भी प्रकार की मारपीट नहीं की है।”
विधायक टोप्पो ने आगे कहा कि उनके खिलाफ राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव में मामला दर्ज कराया गया है। हालांकि, उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताते हुए कहा कि मामला दर्ज हो चुका है और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। पुलिस तफ्तीश के बाद दूध का दूध और पानी का पानी साफ हो जाएगा।
विवाद की शुरुआत एक 'सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट' पर दस्तखत कराने को लेकर हुई थी। विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी एक कैदी की पैरोल के सिलसिले में सर्टिफिकेट पर साइन कराने थराजपुर उपहसील कार्यालय पहुंची थीं। आरोप है कि काम अटकाने को लेकर जब उनकी तहसीलदार से बहस हुई, तो अधिकारी ने फाइल फेंक दी और 'तू-तड़ाक' करते हुए उन्हें दफ्तर से बाहर निकाल दिया।
वहीं नायब तहसीलदार का कहना था कि दस्तावेज अधूरे थे और रीडर छुट्टी पर था। बाद में एसडीएम की मध्यस्थता के दौरान राजपुर में विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई की।
फिलहाल स्थिति यह है कि पुलिस के पास दोनों पक्षों की शिकायतें हैं। तहसीलदार की शिकायत पर विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, लोक सेवक पर हमला करने और बलवा जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज है। विधायक की बहन की शिकायत पर नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के खिलाफ भी महिला से अभद्रता, धमकी और गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
इस पूरे विवाद ने अब एक नया रूप ले लिया है। जहां राजस्व संघ की हड़ताल की चेतावनी से सरकारी कामकाज ठप होने का खतरा मंडरा रहा है, वहीं सत्ताधारी दल के विधायक पर लगे आरोपों ने सरकार को भी कशमकश में डाल दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाती है।