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नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने जूनियर इंजीनियर (JE) भर्ती परीक्षा 2026 के लिए विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती अभियान के जरिए रेलवे में कुल 4,029 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट rrbcdg.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
14 अगस्त से शुरू हुए आवेदन
आरआरबी जेई 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 13 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी 15 सितंबर 2026 तक आवेदन शुल्क जमा कर सकेंगे, जबकि आवेदन में सुधार के लिए 16 से 25 सितंबर 2026 तक का समय दिया गया है।
4,029 पदों पर होगी भर्ती
इस भर्ती में विभिन्न श्रेणियों के पद शामिल हैं। कुल रिक्तियों में 1,714 पद सामान्य वर्ग, 397 ईडब्ल्यूएस, 920 ओबीसी, 632 एससी और 366 एसटी वर्ग के लिए निर्धारित हैं।
कुल पद: 4,029
किन पदों पर होगी भर्ती?
आरआरबी जेई भर्ती के तहत जूनियर इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर-आईटी, डिपो मैटेरियल सुपरिंटेंडेंट (DMS) और केमिकल एवं मेटलर्जिकल असिस्टेंट (CMA) जैसे पद शामिल हैं।
जूनियर इंजीनियर: संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में तीन वर्षीय डिप्लोमा या बीई/बीटेक की डिग्री होनी चाहिए। इसमें सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि शाखाएं शामिल हैं।
जूनियर इंजीनियर-आईटी: पीजीडीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस, बीसीए, बीई/बीटेक आईटी या कंप्यूटर साइंस अथवा तीन वर्षीय DOEACC 'B' लेवल कोर्स वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं।
डिपो मैटेरियल सुपरिंटेंडेंट: मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या डिग्री आवश्यक है।
केमिकल एवं मेटलर्जिकल असिस्टेंट: भौतिकी और रसायन विज्ञान के साथ विज्ञान में स्नातक डिग्री तथा न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक जरूरी हैं।
अभ्यर्थी के पास निर्धारित शैक्षणिक या तकनीकी योग्यता 13 सितंबर 2026 तक होना आवश्यक है।
उम्र सीमा
आरआरबी जेई 2026 के लिए अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 33 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2027 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।
आवेदन शुल्क कितना है?
- सामान्य/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस: 500 रुपये
- एससी/एसटी/ईबीसी: 250 रुपये
- सभी वर्ग की महिला अभ्यर्थी: 250 रुपये
सीबीटी-1 में शामिल होने के बाद सामान्य/ओबीसी अभ्यर्थियों को 400 रुपये तथा अन्य पात्र अभ्यर्थियों को 250 रुपये शुल्क वापसी का प्रावधान है।
कितना मिलेगा वेतन?
चयनित अभ्यर्थियों को 7वें वेतन आयोग के लेवल-6 के तहत वेतन मिलेगा। पद का मूल वेतन 35,400 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। इसके अलावा नियमानुसार अन्य भत्ते भी मिलेंगे।
कैसे होगा चयन?
आरआरबी जेई भर्ती में चयन कई चरणों में होगा। सबसे पहले सीबीटी-1, इसके बाद सीबीटी-2, फिर दस्तावेज सत्यापन और अंत में मेडिकल टेस्ट होगा।
सीबीटी-1 मुख्य रूप से स्क्रीनिंग परीक्षा होगी। इसके सामान्यीकृत अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों को सीबीटी-2 के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
CBT-1 का परीक्षा पैटर्न
सीबीटी-1 में कुल 100 प्रश्न होंगे और परीक्षा के लिए 90 मिनट मिलेंगे। दिव्यांग अभ्यर्थियों को लेखक की सुविधा मिलने पर परीक्षा अवधि 120 मिनट होगी।
- गणित: 30 प्रश्न, 30 अंक
- सामान्य बुद्धिमत्ता एवं तर्कशक्ति: 25 प्रश्न, 25 अंक
- सामान्य जागरूकता: 15 प्रश्न, 15 अंक
- सामान्य विज्ञान: 30 प्रश्न, 30 अंक
CBT-2 में तकनीकी विषय सबसे अहम
सीबीटी-2 में कुल 150 प्रश्न होंगे और परीक्षा की अवधि 120 मिनट होगी। इसमें तकनीकी योग्यता के सबसे ज्यादा 100 प्रश्न पूछे जाएंगे।
- सामान्य जागरूकता: 15 प्रश्न
- भौतिकी एवं रसायन विज्ञान: 15 प्रश्न
- कंप्यूटर एवं अनुप्रयोग: 10 प्रश्न
- पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण: 10 प्रश्न
- तकनीकी योग्यता: 100 प्रश्न
सीबीटी-2 के दौरान अभ्यर्थियों को कंप्यूटर स्क्रीन पर वर्चुअल कैलकुलेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
गलत जवाब पर कटेंगे अंक
दोनों कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं में नकारात्मक अंकन का प्रावधान है। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए 1/3 अंक काटा जाएगा। इसलिए अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करते समय गति के साथ-साथ सटीकता पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
न्यूनतम अर्हता अंक
- सामान्य: 40 प्रतिशत
- ईडब्ल्यूएस: 40 प्रतिशत
- ओबीसी एनसीएल: 30 प्रतिशत
- एससी: 30 प्रतिशत
- एसटी: 25 प्रतिशत
तैयारी में तकनीकी विषय को दें प्राथमिकता
एजुकेटर प्राची जैन के अनुसार आरआरबी जेई की तैयारी में केवल पढ़ाई के घंटे बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि तैयारी की गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। अभ्यर्थियों को अवधारणाओं की स्पष्ट समझ के साथ पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, एमसीक्यू, मॉक टेस्ट और नियमित रिवीजन को अपनी रणनीति में शामिल करना चाहिए।
सीबीटी-1 के लिए गणित, रीजनिंग, सामान्य जागरूकता और सामान्य विज्ञान पर मजबूत पकड़ बनाना जरूरी है। वहीं सीबीटी-2 में तकनीकी विषय के 100 प्रश्न होने के कारण अपनी इंजीनियरिंग ब्रांच के विषयों को शुरुआत से ही पर्याप्त समय देना बेहद महत्वपूर्ण होगा।
अभ्यर्थियों को अपनी ब्रांच के सिलेबस को टॉपिक-वाइज पूरा करना चाहिए। किसी टॉपिक की अवधारणा समझने के बाद उससे जुड़े एमसीक्यू और पिछले वर्षों के प्रश्न हल करने से तैयारी मजबूत होगी।
रीजनिंग में सीरीज, कोडिंग-डिकोडिंग, सिलॉजिज्म, दिशा ज्ञान, रक्त संबंध, समानता, वर्गीकरण और पजल जैसे टॉपिक्स की नियमित प्रैक्टिस करनी चाहिए। गणित में केवल फार्मूले याद करने के बजाय उनका इस्तेमाल समझना और समय सीमा के भीतर प्रश्न हल करना जरूरी है।
सामान्य विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों को मजबूत करने के साथ सामान्य जागरूकता के लिए समसामयिक घटनाओं का नियमित अध्ययन और रिवीजन करना चाहिए।
मॉक टेस्ट के बाद करें गलतियों का विश्लेषण
सिर्फ मॉक टेस्ट देना पर्याप्त नहीं है। प्रत्येक टेस्ट के बाद यह देखना जरूरी है कि गलती अवधारणा, गणना, जल्दबाजी या समय प्रबंधन में से किस वजह से हुई। गलत प्रश्नों की अलग सूची बनाकर उनका साप्ताहिक रिवीजन किया जा सकता है।
अभ्यर्थियों को नए टॉपिक पढ़ने के साथ पुराने टॉपिक्स को भी लगातार दोहराते रहना चाहिए। फार्मूला, शॉर्ट नोट्स और महत्वपूर्ण अवधारणाओं का नियमित रिवीजन परीक्षा के समय काफी मददगार साबित हो सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभ्यर्थी दूसरों की तैयारी देखकर बार-बार अपनी रणनीति न बदलें। अपनी कमजोरियों और मजबूत पक्षों को पहचानकर उसी के अनुसार तैयारी की योजना बनाएं। सही रणनीति, नियमित अभ्यास, गति और सटीकता के साथ लगातार तैयारी ही आरआरबी जेई 2026 में सफलता की मजबूत कुंजी बन सकती है।