

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

samrat-chaudhary-bihar-new-cm-biography-hindi
पटना: बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हो गई है। राज्य को उसका नया मुख्यमंत्री मिल गया है। सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगी है। सम्राट बिहार के 24वें मुख्यमंत्री होंगे। लंबे राजनीतिक अनुभव, विरासत और विवादों से भरे उनके सफर ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
राजनीतिक विरासत से शुरुआत
सम्राट चौधरी को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता शकुनी चौधरी बिहार के दिग्गज समाजवादी नेताओं में गिने जाते हैं। पिता के सानिध्य में ही सम्राट ने राजनीति की शुरुआती बारीकियां सीखीं। खास बात यह है कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की, जिसकी अगुवाई लालू प्रसाद यादव करते थे। आज वे उसी दल और उसके नेताओं के प्रमुख विरोधी माने जाते हैं।
कई दलों का अनुभव
सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर कई दलों से होकर गुजरा। आरजेडी के बाद वे जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हुए और बाद में भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा बने। बीजेपी में आने के बाद उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कम उम्र में मंत्री बनने का रिकॉर्ड
सम्राट चौधरी ने महज 19 साल की उम्र में मंत्री बनकर राजनीतिक हलकों में सनसनी मचा दी थी। वे राबड़ी देवी सरकार में कृषि राज्य मंत्री बने थे। हालांकि, उनकी उम्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ और 1999 में तत्कालीन राज्यपाल सूरज भान ने उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया।
उन पर उम्र से जुड़े दस्तावेजों में विसंगतियों के आरोप लगे। स्कूल सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेजों में अलग-अलग उम्र दर्ज होने की बात सामने आई थी। इस मामले में जालसाजी और गलत जानकारी देने जैसे आरोपों की जांच भी हुई।
विवादों से घिरा शुरुआती करियर
सम्राट चौधरी का राजनीतिक जीवन शुरुआत से ही विवादों से जुड़ा रहा। उनकी उम्र, शैक्षणिक योग्यता और बयानों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे। 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनकी डिग्री को लेकर विवाद सामने आया था। वहीं प्रशांत किशोर समेत कई नेताओं ने उन पर आरोप लगाए।
बर्खास्तगी से मुख्यमंत्री तक का सफर
सम्राट चौधरी का सफर खास इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि वे संभवतः ऐसे पहले नेता हैं जो मंत्री पद से बर्खास्त होने के बाद मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे हैं। यह उनकी राजनीतिक दृढ़ता और निरंतर सक्रियता को दर्शाता है।
डिप्टी सीएम से सीएम बनने वाले दूसरे नेता
सम्राट चौधरी बिहार के दूसरे ऐसे नेता बन गए हैं जो पहले उपमुख्यमंत्री रहे और अब मुख्यमंत्री बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि सिर्फ कर्पूरी ठाकुर के नाम दर्ज थी।
व्यक्तिगत जीवन
16 नवंबर 1968 को जन्मे सम्राट चौधरी की पत्नी ममता कुमारी हैं। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। उनके पिता शकुनी चौधरी और माता पार्वती देवी का उनके जीवन और करियर पर गहरा प्रभाव रहा है।
नई जिम्मेदारी, नई चुनौती
अब मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी के सामने बिहार के विकास, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक संतुलन को बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी। साथ ही उन्हें अपने पुराने विवादों से आगे बढ़कर सुशासन की नई छवि स्थापित करनी होगी।