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रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में स्थानांतरण और संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। शासन द्वारा जून 2025 में शिक्षकों और अधिकारियों के अटैचमेंट को समाप्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए जाने के बावजूद कई जिलों में नियमों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से पदस्थापन और संलग्नीकरण किए जाने के आरोप लगे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ने रायपुर, बलौदाबाजार, धमतरी और जांजगीर-चांपा के जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही शिकायतों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
रायपुर में नियमों के विरुद्ध अटैचमेंट का आरोप
रायपुर के प्रभारी डीईओ हिमांशु भारती पर आरोप है कि उन्होंने शासन की अनुमति के बिना कुछ शिक्षकों और अधिकारियों को दूसरे पदों पर संलग्न कर दिया। शिकायत में कहा गया है कि यह कार्रवाई स्थानांतरण नीति और विभागीय नियमों के विपरीत की गई।
जांजगीर-चांपा में शिक्षक को दी गई अधिकारी की जिम्मेदारी
जांजगीर-चांपा में भी प्रभारी डीईओ पर आरोप है कि उन्होंने एक शिक्षक को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी सौंप दी। इस मामले को भी विभाग ने गंभीरता से लिया है।
बलौदाबाजार में 25 शिक्षकों का इधर-उधर संलग्नीकरण
बलौदाबाजार में तत्कालीन डीईओ पर 20 से अधिक व्याख्याताओं, शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को विभिन्न स्कूलों और कार्यालयों में संलग्न करने का आरोप लगा है। शिकायत के आधार पर विभाग ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
धमतरी में प्राचार्य का कुछ घंटों में तबादला
धमतरी जिले में एक प्राचार्य को कुछ ही घंटों के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान पर पदस्थ किए जाने की शिकायत सामने आई है। विभाग इस मामले की भी जांच कर रहा है।
मंत्री ने दिए कड़ी कार्रवाई के संकेत
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट कहा है कि शासन के आदेशों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितता साबित होती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक संगठनों ने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। विभागीय जांच के बाद इस मामले में बड़े प्रशासनिक फैसले लिए जा सकते हैं।