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राज्य शासन की महत्वाकांक्षी “सरस्वती साइकिल योजना” के तहत मिलने वाली सुविधाओं की पोल सिलयारी में खुलती नजर आ रही है। यहाँ स्थित डॉ. खूबचंद बघेल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं को बांटी गई साइकिलों की गुणवत्ता बेहद खराब निकली है, जिसे लेकर छात्राओं और उनके अभिभावकों में तीव्र आक्रोश है।
क्या है योजना और नियम?
इस योजना के तहत कक्षा नौवीं में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को शासन की ओर से नि:शुल्क साइकिल वितरित की जानी है। इसी कड़ी में इस विद्यालय में कुल 126 छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं।
वितरण के बाद सामने आया कि कई छात्राओं को जो साइकिलें मिली हैं, उनकी स्थिति बेहद जर्जर और टूटी-फूटी है। स्थिति यह है कि कई साइकिलों में बास्केट, मडगार्ड, सीट, ट्यूब और यहाँ तक कि टायरों में हवा तक नहीं थी। इसके अलावा, कई साइकिलों के ताले टूटे हुए थे तो कुछ के ताले लटक रहे थे।
शासन की इस नि:शुल्क योजना का लाभ उठाने के लिए छात्राओं को खुद आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। साइकिलों की बदतर हालत के कारण छात्राओं और उनके परिजनों को इन्हें उपयोग के लायक बनाने के लिए अपनी जेब से 500 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सभापति सरोज चंद्रवंशी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने मांग की है कि सभी प्रभावित छात्राओं को तुरंत अच्छी गुणवत्ता की नई साइकिलें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि शासन की इस योजना का वास्तविक लाभ पात्र छात्राओं तक पहुँच सके।