

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Allahabad High Court's stern remarks; expresses concern over corruption... also offers a significant opinion on bulldozer action.
प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान देश में बढ़ते भ्रष्टाचार पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हाल में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी का विवाद ईमानदारी के लगातार गिरते स्तर का प्रतीक है। उनके अनुसार यदि समाज ऐसी घटना से भी विचलित नहीं होता, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
अपने 51 पृष्ठों के फैसले में न्यायमूर्ति श्रीधरन ने कहा कि वर्षों से भ्रष्टाचार समाज में सामान्य होता जा रहा है। उनका कहना था कि अब गलत काम तब तक गलत नहीं माना जाता, जब तक व्यक्ति पकड़ा न जाए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भ्रष्टाचार के कारण समाज में आर्थिक असमानता बढ़ रही है और इसका दीर्घकालिक प्रभाव गंभीर हो सकता है।
न्यायमूर्ति श्रीधरन ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार को वास्तव में समाप्त करना चाहती है, तो भ्रष्टाचार निवारण कानून में संशोधन कर दोषियों के लिए अत्यंत कठोर दंड, यहां तक कि मृत्युदंड जैसे प्रावधान पर भी विचार किया जा सकता है। यह न्यायाधीश की न्यायिक टिप्पणी है, न कि कोई लागू कानूनी निर्देश।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति श्रीधरन ने यह भी राय व्यक्त की कि किसी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद उसके मकान को दो वर्ष तक ध्वस्त नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, इस मुद्दे पर खंडपीठ के दूसरे सदस्य न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन सहमत नहीं थे। मतभेद के कारण यह प्रश्न अब अंतिम निर्णय के लिए तीसरे न्यायाधीश के पास भेजा जाएगा।
फैसले में न्यायालय ने यह भी कहा कि कई मामलों में नगर निकायों और अन्य प्राधिकरणों के भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध निर्माण होते हैं। बाद में जब कार्रवाई होती है, तो सबसे अधिक नुकसान उन आम लोगों को उठाना पड़ता है, जिन्होंने संपत्ति खरीद ली होती है।
अयोध्या में बुधवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की विशेष बैठक आयोजित होगी। बैठक में तीन रिक्त ट्रस्टी पदों, नए महासचिव और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन पर चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही हाल में सामने आए चढ़ावा गबन प्रकरण पर एसआईटी रिपोर्ट, मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, चढ़ावा गिनने की प्रक्रिया और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर भी विचार होने की संभावना है।
बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्यागपत्र तथा ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन मिश्र के निधन से रिक्त हुए तीन पदों पर नए ट्रस्टियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। बैठक की अध्यक्षता ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास करेंगे। इसके साथ ही मंदिर प्रबंधन को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।