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पश्चिम एशिया युद्ध में भारतीयों के मारे जाने की लगातार आ रही सूचनाओं के बीच, अब यूक्रेन-रूस युद्ध में भी भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। भारत सरकार लगातार इन घटनाओं पर अपनी चिंता जता रही है। इसी क्रम में मंगलवार को सरकार ने नई दिल्ली स्थित रूसी दूतावास के एक वरिष्ठ राजनयिक व्लादिमीर लादानोव को विदेश मंत्रालय में तलब किया। यह कदम यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट के पास एक हमले में चार भारतीय नाविकों की मौत के एक दिन बाद उठाया गया है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, रूसी राजनयिक से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वह संबंधित अधिकारियों तक भारत की चिंताओं को पहुंचा दें। भारत का पक्ष है कि वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमले और निर्दोष नागरिकों की हत्या पूरी तरह अस्वीकार्य है और इस तरह की घटनाओं को हर हाल में टाला जाना चाहिए।
शव मिलने को लेकर अनिश्चितता:
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमवी गोल्डन लियो जहाज पर हुए हमले में मारे गए चार भारतीय नाविकों में से एक केरल के कासरगोड जिले का रहने वाला था, जिसकी पहचान 26 वर्षीय अखिल जोयन के रूप में की गई है। जोयन के परिवार ने मंगलवार को बताया कि उन्हें अभी तक कोई जानकारी नहीं है कि उनका शव कब घर लाया जाएगा। जोयन के पिता को बेटे की मौत की सूचना उस कंपनी से मिली थी, जिसके लिए वह काम करता था।
पश्चिम एशिया और अन्य कूटनीतिक कदम:
भारत सरकार पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी और ईरानी दूतावास के वरिष्ठ अधिकारियों को भी तलब कर चुकी है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के दौरान अमेरिका और ईरान के हमलों में भारतीयों की मौतों को लेकर यह कड़े कदम उठाए गए हैं। पिछले हफ्ते विदेश मंत्रालय के उच्चपदस्थ अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि पश्चिम एशिया विवाद में अभी तक 13 भारतीयों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन लोग लापता हैं। इनमें से ज्यादातर भारतीय नाविक हैं जो दुनिया की विभिन्न शिपिंग कंपनियों में तैनात रहे हैं। जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार, वैश्विक जहाजरानी उद्योग में 13 प्रतिशत भारतीय कार्यरत हैं।