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कोंटा। सुकमा जिले के तोंगपाल थाना क्षेत्र अंतर्गत साडरापाल गांव में रविवार को हुई हिंसक झड़प के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना में करीब 13 ग्रामीण घायल हुए हैं। मामले को लेकर जहां पुलिस इसे जमीन विवाद से जुड़ा बता रही है, वहीं ग्रामीणों और क्रिश्चियन फोरम के अलग-अलग दावों ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है।
पुलिस के अनुसार 31 मई की सुबह दो पक्षों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस मामले में पूर्व सरपंच हुड़माराम माड़वी समेत 10 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। थाना तोंगपाल में दर्ज शिकायत में हिड़मा कवासी ने आरोप लगाया है कि जमीन को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने गाली-गलौज, धमकी और मारपीट की, जिससे कई लोग घायल हो गए।
वहीं गांव के कई ग्रामीणों का कहना है कि विवाद केवल जमीन तक सीमित नहीं है। उनका आरोप है कि गांव में एक झोपड़ी में नियमित रूप से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही थीं और इन गतिविधियों के जरिए मतांतरण का प्रयास किया जा रहा था। ग्रामीणों का दावा है कि इस संबंध में पहले भी प्रशासन को शिकायतें दी गई थीं, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से तनाव बढ़ता गया।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम ने घटना को प्रार्थना सभा पर हमला बताया है। फोरम के प्रदेश उपाध्यक्ष रत्नेश बेंजामिन ने आरोप लगाया कि रविवार सुबह प्रार्थना कर रहे लोगों पर लाठियों से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए और कानून को हाथ में लेना उचित नहीं है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जमीन विवाद, मारपीट और मतांतरण संबंधी सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। घटना के बाद गांव में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, हालांकि गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।