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पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के नकाशीपाड़ा में कांग्रेस नेता अनीसुर रहमान और उनके बेटे अबू सुफियान की हत्या से सनसनी फैल गई है। शनिवार रात घर लौटते समय बदमाशों ने उनकी कार को रास्ते में रोक लिया और कथित तौर पर बम, गोलियों तथा धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रास्ते में घेरकर किया हमला
जानकारी के मुताबिक, अनीसुर रहमान अपने बेटे अबू सुफियान के साथ बेथुआडहारी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान नागादी रेलवे गेट के पास हथियारबंद बदमाशों ने उनकी चारपहिया गाड़ी को रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले वाहन पर बम फेंके और कई राउंड गोलियां चलाईं। इसके बाद अनीसुर रहमान और उनके बेटे को वाहन से बाहर खींचकर धारदार हथियारों से हमला किया गया।
हमले के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़े मिले। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
कांग्रेस के बड़े स्थानीय नेता थे अनीसुर रहमान
अनीसुर रहमान नकाशीपाड़ा इलाके में कांग्रेस के सक्रिय और प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे। वे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य, नदिया जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव और नकाशीपाड़ा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके थे। लंबे समय से वे पार्टी के संगठनात्मक कार्यों से जुड़े हुए थे।
उनके बेटे अबू सुफियान के बारे में स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया है कि वह कानून की पढ़ाई कर रहे थे।
हत्या के पीछे क्या है वजह?
फिलहाल इस दोहरे हत्याकांड की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस राजनीतिक रंजिश, आपसी विवाद और अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। स्थानीय स्तर पर राजनीतिक वर्चस्व को लेकर पुराने विवाद की चर्चा भी सामने आई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि हमले की साजिश किसने रची, हमलावरों की संख्या कितनी थी और हत्या के पीछे मुख्य मकसद क्या था।
मौके पर पहुंची पुलिस, इलाके में तनाव
दोहरी हत्या की खबर फैलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया। नकाशीपाड़ा थाने की पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने हमलावरों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, घटना के बाद तत्काल किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी।
अस्पताल में भी कांग्रेस नेताओं और समर्थकों के पहुंचने से माहौल गमगीन हो गया। घटना को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस ने इस हत्या के विरोध में राज्यव्यापी काला दिवस मनाने का आह्वान भी किया है।
पुलिस के सामने कई सवाल
इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि हमलावरों ने इतनी घातक तैयारी कैसे की और क्या हत्या के पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और स्थानीय राजनीतिक विवादों की जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल अनीसुर रहमान और अबू सुफियान की हत्या के पीछे की असली वजह और हमलावरों की पहचान पुलिस जांच का विषय है। मामले में आगे गिरफ्तारी और पुलिस की आधिकारिक जानकारी के बाद तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।