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Chhattisgarh: A 35 lakh rupee fraud in Raipur, the capital, was perpetrated using the serial numbers of currency notes.
रायपुर। राजधानी के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में ठगी का एक बेहद शातिर और सुनियोजित मामला सामने आया है। मुंबई निवासी 20 वर्षीय करण शर्मा अपने सेठ कनक राम के कहने पर हवाला के जरिए भुगतान लेने रायपुर पहुंचा था। 11 अप्रैल को उसे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से संपर्क कर कोरम कॉम्प्लेक्स बुलाया गया।
सीरियल नंबर से जीता भरोसा, थमाए 35 लाख रुपये
पहले से तय प्रक्रिया के तहत पहचान सुनिश्चित करने के लिए 20 रुपये के नोट के सीरियल नंबर का मिलान कराया गया। सब कुछ सही पाए जाने पर आरोपित ने करण को 35 लाख रुपये नकद सौंप दिए। इस पूरी प्रक्रिया ने करण का भरोसा पूरी तरह जीत लिया।
दूसरे चरण में शुरू हुई असली ठगी की साजिश
रकम मिलने के बाद करण ने अपने सेठ को सूचना दी। इसके बाद उसे निर्देश मिला कि वह यह रकम किसी दूसरे व्यक्ति को सौंप दे। इसके लिए उसे एक अन्य मोबाइल नंबर से संपर्क कराया गया। आरोपी ने व्हाट्सएप पर 2 रुपये के नोट का एक विशेष सीरियल नंबर भेजकर वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर के पास बुलाया।
तीसरे व्यक्ति ने दिखाया वही नोट, युवक ने सौंप दी पूरी रकम
निर्धारित स्थान पर पहुंचने पर करण को एक तीसरा व्यक्ति मिला, जिसने वही सीरियल नंबर वाला नोट दिखाकर विश्वास कायम किया। इसके बाद उसे करेंसी टावर के पास बुलाया गया, जहां करण ने अपने बैग में रखे 35 लाख रुपये आरोपित को सौंप दिए। रकम लेते ही आरोपी मौके से फरार हो गया।
अलग-अलग मोबाइल नंबरों से चल रहा था गिरोह का नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरे मामले में अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया गया। एक नंबर से संपर्क किया गया, दूसरे से निर्देश दिए गए और तीसरे व्यक्ति के जरिए कैश कलेक्शन कराया गया। इससे साफ है कि यह एक संगठित गिरोह की करतूत है, जो मल्टी-लेयर प्लानिंग के जरिए ठगी को अंजाम देता है।
पुलिस कर रही जांच, आरोपियों की तलाश जारी
मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाली जा रही है और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और अनजान व्यक्तियों के कहने पर बड़ी रकम का लेन-देन न करने की अपील की है।