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CG News: Raipur Bar elections put on hold, High Court takes strict stand, process halted for 15 days
रायपुर। रायपुर जिला बार एसोसिएशन के चुनाव को लेकर जारी विवाद पर हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सोमवार को हुई आपात सुनवाई में अदालत ने चुनाव प्रक्रिया पर लगी रोक को 15 दिन के लिए और बढ़ा दिया है। इस आदेश के बाद फिलहाल चुनाव पूरी तरह ठप हो गया है।
कोर्ट का स्पष्ट निर्देश, पहले नियम फिर चुनाव
हाई कोर्ट की एकल पीठ ने साफ किया कि चुनाव प्रक्रिया नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। अदालत ने एक अन्य याचिका को निराकृत करते हुए संबंधित पक्ष को स्टेट बार काउंसिल के समक्ष अपनी बात रखने के लिए कहा है। साथ ही काउंसिल को सात दिनों के भीतर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है।
महिला आरक्षण को लेकर उठा बड़ा सवाल
पूरा मामला महिला अधिवक्ता शमीम रहमान की याचिका से जुड़ा है। इसमें आरोप लगाया गया कि 18 पदों में से 9 पद पुरुष वकीलों के लिए आरक्षित कर दिए गए, जबकि बार के उपविधि में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। साथ ही महिला वकीलों को 30 प्रतिशत आरक्षण नहीं देने का मुद्दा भी उठाया गया है।
चुनाव अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल
याचिका में यह भी आरोप है कि मुख्य चुनाव अधिकारी ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सहायक चुनाव अधिकारियों और अपील समिति की नियुक्ति कर दी। इस पर भी कोर्ट ने गंभीरता दिखाई है।
कार्यकाल खत्म होने के बाद चुनाव पर आपत्ति
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद चुनाव कराना उचित नहीं है। नियमों के मुताबिक, चुनाव की घोषणा कार्यकाल खत्म होने से 40 दिन पहले होनी चाहिए थी, जो नहीं की गई।
निर्वाचन अधिकारी बदलने की चर्चा, वकीलों में खुशी
कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव अधिकारियों के बदलने की संभावना जताई जा रही है। इस खबर से कई प्रत्याशियों और अधिवक्ताओं में उत्साह देखा गया और न्यायालय परिसर में मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की गई।
गंगरेल में ‘बकरा भोज’ बना चर्चा का विषय
दिलचस्प बात यह रही कि चुनाव स्थगन की आहट पहले ही मिल गई थी। इसी के चलते बड़ी संख्या में अधिवक्ता गंगरेल बांध पहुंचे, जहां ‘बकरा भोज’ का आयोजन किया गया। चुनावी तनाव के बीच इस आयोजन ने माहौल को हल्का बना दिया।
अब आगे क्या, सभी की नजरें स्टेट बार काउंसिल पर
कोर्ट के निर्देश के बाद अब सभी पक्ष स्टेट बार काउंसिल के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। अगले 15 दिनों में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है, जिसके बाद ही चुनाव की नई दिशा तय होगी।