

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

Chhattisgarh Weather: Heat wave intensifies in Raipur, mercury crosses 40, heat to increase further in the next four days
रायपुर। रायपुर में गर्मी ने अचानक रौद्र रूप धारण कर लिया है। बीते सोमवार को शहर का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री रहा। बढ़ती गर्मी के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है और लोग जरूरी काम के अलावा बाहर निकलने से बच रहे हैं।
अगले चार दिन और भारी, 3 से 5 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है। यानी रायपुर में पारा 43 से 45 डिग्री तक पहुंचने के संकेत हैं। मंगलवार को भी आसमान साफ रहेगा और अधिकतम तापमान 41 डिग्री के आसपास रहने की संभावना जताई गई है।
16 अप्रैल से हीट वेव का खतरा, अलर्ट जारी
विशेष रूप से 16 अप्रैल से प्रदेश के कई हिस्सों में हीट वेव चलने की चेतावनी दी गई है। उत्तर पश्चिम दिशा से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं के कारण लू जैसे हालात बन सकते हैं। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
इन शहरों में भी चढ़ा पारा, राजनांदगांव सबसे गर्म
प्रदेश के अन्य शहरों में भी तापमान 40 डिग्री के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया। राजनांदगांव में सबसे अधिक 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। बिलासपुर में 40.4 डिग्री, दुर्ग में 39.8 डिग्री और जगदलपुर में 39.1 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। अंबिकापुर में अपेक्षाकृत राहत रही, जहां तापमान 36.1 डिग्री रहा।
मौसम सिस्टम भी दे रहे संकेत, गर्मी बढ़ने के आसार
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर पूर्व बिहार के आसपास चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, वहीं पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण दिशा में द्रोणिका बनी हुई है। इन परिस्थितियों के चलते गर्म हवाओं का असर बढ़ रहा है, जिससे तापमान में तेजी से इजाफा हो रहा है।
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत
मौसम विभाग ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने, पर्याप्त पानी पीने और अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की गई है।
मानसून पर भी असर, अल-नीनो से कम हो सकती है बारिश
इस साल मानसून को लेकर भी चिंताजनक संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार देश में जून से सितंबर के बीच सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इसकी बड़ी वजह अल नीनो को माना जा रहा है, जिससे कुल वर्षा औसत के करीब 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
दूसरे चरण में मिल सकती है राहत
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दूसरे चरण यानी अगस्त और सितंबर में हिंद महासागर की स्थितियों के कारण कुछ राहत मिल सकती है। अगर इंडियन ओशन डाइपोल सक्रिय होता है तो बारिश की स्थिति में सुधार संभव है।