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Tukaram Omble Memorial: महाराष्ट्र सरकार का फैसला, मुंबई आतंकी हमले में शहीद पुलिसकर्मी तुकाराम ओंबले के सम्मान में बनेगा भव्य स्मारक

By: शुभम शेखर CHECKED BY LATA
Mumbai
3/30/2025, 12:57:11 PM
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Maharashtra government decision a grand memorial will be built in honor of Tukaram Omble the policeman martyred in the Mumbai terror attack

Tukaram Omble Memorial: 26/11 आतंकी हमले में शहीद मुंबई पुलिस के सहायक पुलिस इंस्पेक्टर तुकाराम ओंबले के सम्मान में महाराष्ट्र सरकार ने एक भव्य स्मारक बनाने का निर्णय लिया है। इस निर्माण कार्य के लिए 13.46 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। इस स्वीकृत राशि की पहली किस्त, 2.70 करोड़ रुपये (20%), शुक्रवार को जिला प्रशासन को उपलब्ध करा दी गई है, जिसके बाद स्मारक का काम जल्द ही शुरू होने वाला है।

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स्मारक तुकाराम ओंबले के पैतृक गांव में बनेगा स्मारक

स्मारक तुकाराम ओंबले के पैतृक गांव केदाम्बे, जो सातारा जिले में स्थित है, में बनाया जाएगा। पैसे की मंजूरी मिलने के बाद स्मारक का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। स्मारक बनाने के पीछे सरकार का कहना है कि ताकि लोग हवलदार तुकाराम ओंबले की शहादत को याद कर सकें।

तुकाराम ओंबले की वजह से ही जिंदा पकड़ा गया था कसाब

तुकाराम ओंबले वही पुलिस कर्मचारी थे जिन्होंने अजमल कसाब को जिंदा पकड़ने में अहम भूमिका निभाई थी, जिससे मुंबई में और लोगों की जान बचाई जा सकी। तुकाराम ओंबले की बहादुरी के कारण कसाब और इस्माइल खान को गिरगांव चौपाटी के पास रोका गया था। नहीं मुंबई में और लोगों की जान जाती। तुकाराम ने कसाब की राइफल को इतनी मजबूती से पकड़ा कि वह उसे घुमा भी नहीं सका। जिससे वह  जिंदा पकड़ा गया। लेकिन कसाब ने उस दौरान तुकाराम पर 23 गोलियां चलाईं, लेकिन तुकाराम ने उसकी बंदूक को हिलने तक नहीं दिया। जिससे तुकाराम शहीद हो गए थे।

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जानें 26 नवंबर 2008 को मुंबई में क्या हुआ ?

मुंबई में 26/11 के दिन खून की होली खेली गई थी। 2008 में, 26/11 की रात, समुद्र के रास्ते पाकिस्तान से दस आतंकियों ने मुंबई में घुसपैठ की थी। सबसे पहले उन्होंने सीएसटी रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया, उसके बाद कसाब और उसका सहयोगी इस्माइल खान ने कामा अस्पताल को अपना लक्ष्य बनाया। दोनों आतंकी अस्पताल के पिछले दरवाजे पर पहुंचे, लेकिन अस्पताल के कर्मचारियों ने अंदर से सारे दरवाजे बंद कर दिए थे। इसके बाद दोनों ने बाहर घात लगाए बैठी पुलिस टीम पर हमला बोल दिया, जिसमें एटीएस चीफ हेमंत करकरे सहित 6 पुलिसकर्मी शहीद हो गए।

गिरगांव चौपाटी के पास कसाब जिंदा पकड़ा गया

इसके बाद कसाब और इस्माइल खान पुलिस की कार लेकर गिरगांव चौपाटी की ओर बढ़े, जहां हवलदार तुकाराम ओंबले ने बैरिकेडिंग के दौरान उनकी कार को रोका और कसाब की बंदूक को पकड़ लिया। हालांकि, इस हमले में तुकाराम ओंबले ने अपनी जान गंवा दी।

मुंबई हमले में 164 से ज्यादा लोगों की मौत

2008 के मुंबई आतंकवादी हमले में 164 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें भारतीय नागरिकों के साथ-साथ कुछ विदेशी नागरिक भी शामिल थे, इस हमले में 300 से अधिक लोग घायल भी हुए थे, जिनमें कई गंभीर रूप से घायल हुए थे और कुछ लोग आज भी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं। 

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