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जबलपुर/सागर। पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की जबलपुर इकाई ने रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन-2) नारायण सिंह बुंदेला को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासन ने आरोपी अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, नारायण सिंह बुंदेला की पदस्थापना भोपाल में है और उनके कार्यक्षेत्र में कटनी-बीना रेलखंड सहित कई निर्माण कार्य शामिल हैं। वर्तमान में सागर क्षेत्र में भी रेलवे के विभिन्न निर्माण कार्य चल रहे हैं।
बताया गया है कि एक ठेकेदार ने रेलवे में जमा अपनी सिक्योरिटी मनी वापस लेने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले बुंदेला ने ठेकेदार से 1 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से कर दी।
होटल के बाहर बिछाया जाल
शिकायत के सत्यापन के बाद सीबीआई की टीम सागर पहुंची और जाल बिछाया। 4 जून की रात होटल के बाहर सादी वर्दी में तैनात सीबीआई अधिकारियों ने कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही ठेकेदार ने बुंदेला को रिश्वत की राशि सौंपी, टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया।
तीन दिन की CBI रिमांड
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अधिकारी को जबलपुर लाया गया, जहां सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। सीबीआई ने मामले की गहन जांच के लिए तीन दिन की रिमांड की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। रिमांड अवधि 8 जून को समाप्त होगी।
रेलवे ने किया निलंबित
सीबीआई कार्रवाई के बाद पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से नारायण सिंह बुंदेला को उनके पद से हटा दिया और निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनकी नई पदस्थापना संबंधी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सीबीआई अब मामले में रिश्वतखोरी के नेटवर्क, अन्य संभावित संलिप्त लोगों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।