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Women power gathered in Pink Marathon 3.0
भिलाई। महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ आयोजित "पिंक मैराथॉन 3.0" का भव्य आयोजन रविवार को सिविक सेंटर पार्किंग, भिलाई में संपन्न हुआ। टीम केसरिया भिलाई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 1800 से अधिक महिलाओं और युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर समाज को सकारात्मक संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं हरी झंडी दिखाकर किया गया। इसके बाद विभिन्न आयु वर्ग की प्रतिभागियों ने मैराथॉन में हिस्सा लिया। आयोजन स्थल पर ज़ुम्बा, फिटनेस एक्टिविटीज और अन्य मनोरंजक कार्यक्रमों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।

आयोजन की जिम्मेदारी रोहन सिंह, ध्रुव पाण्डेय, राहुल गजभिये, राहुल दीक्षित, रोहित सिंह, अभिषेक परिहार, शेखर शाह, वैभव सिंह और नमन चंद्राकर सहित टीम के अन्य सदस्यों ने संभाली।

महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण रहा मुख्य उद्देश्य
कार्यक्रम के दौरान टीम केसरिया भिलाई के अध्यक्ष रोहन सिंह ने बताया कि पिंक मैराथॉन का यह तीसरा संस्करण था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 2300 महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि करीब 2000 महिलाओं ने मैराथॉन में भाग लिया।

उन्होंने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनकी शक्ति और क्षमता का एहसास कराना है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और किसी भी मामले में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। इसी संदेश को समाज तक पहुंचाने के लिए महिलाओं के लिए विशेष रूप से इस मैराथॉन का आयोजन किया गया।
रोहन सिंह ने पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर देते हुए कहा कि लगातार बढ़ते तापमान और घटती हरियाली चिंता का विषय हैं। आने वाले समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करना जरूरी है। इसी सोच के साथ मैराथॉन के माध्यम से लोगों को पेड़ लगाने और प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
“महिलाएं कहीं भी कमजोर नहीं”
महिलाओं के लिए अलग मैराथॉन आयोजित किए जाने के सवाल पर रोहन सिंह ने कहा कि सामान्य तौर पर अधिकांश मैराथॉन में पुरुष और महिलाएं एक साथ भाग लेते हैं, लेकिन महिलाओं की विशेष भागीदारी वाले कार्यक्रम कम देखने को मिलते हैं। इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि महिलाएं बड़ी संख्या में संगठित होकर किसी भी सामाजिक अभियान का नेतृत्व कर सकती हैं और हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकती हैं।
प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव

कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागी नेहा गेडाम ने कहा कि पिंक मैराथॉन का हिस्सा बनकर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में सभी आयु वर्ग की महिलाओं ने भाग लिया और पूरे उत्साह के साथ आयोजन का आनंद उठाया। उनके अनुसार पिंक रंग महिलाओं की पहचान और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

नेहा ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेना चाहिए। साथ ही जल संरक्षण और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
वहीं प्रतिभागी पल्लवी रजक ने कहा कि पिंक रंग केवल कोमलता नहीं बल्कि महिलाओं के साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण बेहद आवश्यक हो गया है। ऐसे आयोजन लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करते हैं।

अतिथियों की रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में विनीता पाण्डेय, चम्पा चंद्राकर, डॉ. मानसी गुलाटी, डॉ. सविता ललित मोहन, सुमन कंजोजिया, सोनाली चक्रवर्ती, दिव्या भसीन, स्मिता गोस्वामी और संध्या वर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सभी सहयोगियों का जताया आभार
आयोजन को सफल बनाने में प्रशासन, मीडिया, सहयोगी संस्थाओं, प्रायोजकों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में टीम केसरिया भिलाई ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ऐसे आयोजनों को जारी रखने का संकल्प दोहराया।