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11-foot-long King Cobra enters village in Korba; Forest Department carries out safe rescue.
कोरबा। वनमंडल कोरबा के पसरखेत रेंज अंतर्गत ग्राम छुईढोड़ा में उस समय हड़कंप मच गया जब एक विशालकाय 11 फीट लंबा किंग कोबरा एक घर में घुस गया। दुर्लभ और अत्यंत विषैले सर्प को देखकर घर के लोग घबरा गए और तत्काल बाहर निकलकर वन विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई रेस्क्यू टीम
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और वन्यजीव रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कोरबा वनमंडलाधिकारी प्रेमलता यादव और दक्षिण उप वनमंडलाधिकारी के मार्गदर्शन में रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया।
विशेषज्ञों ने किया सफल रेस्क्यू
नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की वन्यजीव रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेंद्र सारथी और सीनियर फील्ड ऑफिसर सिद्धांत जैन ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाकर किंग कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक निरीक्षण के बाद पंचनामा तैयार किया गया तथा सर्प को उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
वन्यजीव संरक्षण के प्रति बढ़ रही जागरूकता
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग और स्वयंसेवी संस्थाओं के लगातार प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब ग्रामीण क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। पहले लोग सांपों को देखकर उन्हें मार देते थे, लेकिन अब वन्यजीवों के संरक्षण के लिए विभाग को सूचना देकर सहयोग कर रहे हैं। यह बदलती सोच वन्यजीव संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाती है।
पारिस्थितिक संतुलन में अहम भूमिका निभाता है किंग कोबरा
विशेषज्ञों के अनुसार किंग कोबरा जंगलों की जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह अन्य सांपों की संख्या को नियंत्रित कर खाद्य श्रृंखला को संतुलित रखता है। किसी क्षेत्र में किंग कोबरा की मौजूदगी स्वस्थ वन, स्वच्छ पर्यावरण और समृद्ध वन्यजीव तंत्र का संकेत मानी जाती है।
कोरबा में लगातार हो रही निगरानी और संरक्षण गतिविधियां
राज्य में किंग कोबरा की उपस्थिति मुख्य रूप से कोरबा जिले में दर्ज की जाती है। जितेंद्र सारथी और उनकी टीम वन्यजीव संरक्षण एवं निगरानी का कार्य लगातार कर रही है। जंगलों में कैमरा ट्रैप लगाकर वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है तथा एंटी-स्नेयर अभियान चलाकर अवैध फंदों को हटाया जा रहा है। इन प्रयासों से वन्यजीवों की सुरक्षा और जैव विविधता संरक्षण को मजबूती मिल रही है।
ग्रामीणों और अधिकारियों की रही मौजूदगी
रेस्क्यू अभियान के दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी देवदत्त खांडे, ड्यूटी रेंजर गुलाब सिंह, हरिनारायण बंजारे, पंकज कुमार, कृष्ण कुमार, सरपंच किशन कुमार राठिया, कैलाश राठिया, संतोष कुमार यादव, खगेश कुमार राठिया और सूरजभान राठिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। अभियान के सफल समापन पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।