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3 Indian tourists kidnapped in Thailand; ₹1.20 crore ransom demanded; 5 Indians arrested, Pakistani mastermind sought.
नई दिल्ली। थाईलैंड के पटाया शहर में तीन भारतीय पर्यटकों के अपहरण और उनसे 1.20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए तीनों युवकों को सुरक्षित मुक्त करा लिया और इस मामले में पांच भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पूरी साजिश दुबई में बैठे एक पाकिस्तानी नागरिक के इशारे पर रची गई थी।
पुलिस के अनुसार, पीड़ितों की पहचान मोहित (23), आशीष (24) और हिमांशु (20) के रूप में हुई है। आरोपियों ने उन्हें सात दिन के सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर थाईलैंड के पटाया बुलाया। वहां पहुंचने के बाद उन्हें एक मकान में बंधक बना लिया गया और उनके परिवारों से प्रति व्यक्ति 40 लाख रुपये, यानी कुल 1.20 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवतार सिंह (38), जगजीत सिंह (38), रंभालक कुमार (24), सुखबीर सिंह (37) और कुलरा सिंह (27) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पिछले एक महीने से चैट एप्लिकेशन के जरिए दुबई में बैठे एक पाकिस्तानी नागरिक के संपर्क में थे। उसी ने अपहरण की पूरी योजना बनाई और फिरौती की रकम क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेने की रणनीति तैयार की थी।
पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उन्हें कई दिनों तक भोजन नहीं दिया गया। उनके हाथ-पैर बांध दिए गए और उन्हें उल्टा लटकाकर बेरहमी से पीटा गया। आरोपियों ने परिवारों पर दबाव बनाने के लिए लगातार प्रताड़ित किया ताकि जल्द से जल्द फिरौती की रकम मिल सके।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पीड़ितों के शरीर पर लाल स्प्रे पेंट लगाया ताकि वीडियो कॉल के दौरान ऐसा लगे कि उनके शरीर से खून बह रहा है। इन वीडियो के जरिए परिवारों पर मानसिक दबाव बनाकर फिरौती देने के लिए मजबूर किया जा रहा था।
पीड़ितों के परिजनों ने भारतीय दूतावास से संपर्क कर मदद मांगी। इसके बाद 21 जुलाई को भारतीय दूतावास ने चोनबुरी इमिग्रेशन पुलिस और पटाया पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और खुफिया जानकारी के आधार पर पटाया के एक टाउनहाउस में छापा मारा, जहां तीनों पीड़ित अलग-अलग कमरों में बंधे मिले। उनके मुंह पर टेप लगा था और शरीर पर चोट के निशान थे। मौके से टेप, लकड़ी का डंडा और लाल स्प्रे पेंट भी बरामद किया गया।
रेस्क्यू किए गए पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उनके आने से पहले भी एक भारतीय पर्यटक को उसी मकान में बंधक बनाया गया था। उसके परिजनों ने करीब 30 लाख रुपये की फिरौती चुकाने के बाद ही उसे छोड़ा गया था।
थाई पुलिस अब इस पूरे गिरोह के मुख्य सूत्रधार और उससे जुड़े अन्य पाकिस्तानी संदिग्धों की तलाश कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के जरिए पहले कितने लोगों को निशाना बनाया गया और इसमें अन्य देशों के लोगों की भी भूमिका थी या नहीं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों को इस वारदात के बदले नकदी, कीमती सामान और थाईलैंड से बाहर जाने के लिए एयरलाइन टिकट देने का लालच दिया गया था।