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Amidst a massive uproar by the opposition, the 'Vande Mataram Bill' was passed in the Lok Sabha; it includes a provision for up to three years of imprisonment for insulting the national song.
नई दिल्ली। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 यानी 'वंदे मातरम् बिल' गुरुवार को लोकसभा से भी पारित हो गया। विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्र सरकार ने विधेयक को सदन से मंजूरी दिलाई। बिल पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही 31 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
इससे पहले यह विधेयक 29 जुलाई को राज्यसभा से पारित हो चुका था। अब लोकसभा की मंजूरी मिलने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद यह कानून का रूप ले लेगा।
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी राष्ट्रगान 'जन गण मन' की तरह कानूनी संरक्षण प्रदान करना है। इसके तहत राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम में संशोधन किया जाएगा, ताकि राष्ट्रीय गीत का अपमान भी दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सके।
विधेयक के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर 'वंदे मातरम्' के गायन में बाधा डालता है, उसका अपमान करता है या उसका अनादर करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर अधिकतम तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान रखा गया है।
केंद्र सरकार ने यह विधेयक राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वर्षभर चलाए जा रहे आयोजनों के दौरान पेश किया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को और अधिक मजबूत करना तथा उनके प्रति संवैधानिक और कानूनी संरक्षण सुनिश्चित करना है।