

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

31st installment of Mahtari Vandan credited to accounts ahead of Raksha Bandhan.
रायपुर। रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह के दौरान प्रदेश की 67 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में योजना की 31वीं किस्त की राशि अंतरित की। इस दौरान कुल 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये की राशि हितग्राहियों के खातों में पहुंचाई गई।

डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।
67 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिला लाभ
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के तहत प्रदेश की 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राही महिलाओं के खातों में राशि अंतरित की गई। इनमें बालोद जिले की 2 लाख 45 हजार 28 महिलाएं भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन के त्योहार को देखते हुए सितंबर महीने की किस्त भी 25 अगस्त को ही जारी करने का निर्णय लिया गया है, ताकि बहनें त्योहार की तैयारियां और अपनी जरूरतें आसानी से पूरी कर सकें।
‘महतारी वंदन’ से बढ़ा महिलाओं का आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना सिर्फ आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं है, बल्कि इससे महिलाओं के भीतर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना मजबूत हुई है। महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय जैसी जरूरतों के लिए कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में करीब 20 हजार करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है।
महिलाओं ने सुनाई आत्मनिर्भरता की कहानी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने योजना से मिलने वाली राशि से उनके जीवन में आए बदलावों और आर्थिक आत्मनिर्भरता के अनुभव साझा किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई महिला योजना की राशि से परिवार का भविष्य सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करती है या स्वरोजगार शुरू करती है, तो योजना का उद्देश्य वास्तविक रूप से पूरा होता है।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रदेश में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अलग-अलग आजीविका गतिविधियों और उद्यमों के जरिए अपनी पहचान बना रही हैं।

उन्होंने ड्रोन दीदी पहल का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से जुड़कर कृषि क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से खाद और अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर रही हैं और इससे आय अर्जित कर रही हैं।
डौंडीलोहारा और बालोद को करीब 102 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
महतारी वंदन सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले को करीब 102 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।
डौंडीलोहारा नगर पंचायत में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की गई। इसके अलावा खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण और धनगांव जलाशय में नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग सहित कई कार्यों की घोषणा हुई।
डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग के निर्माण के लिए करीब 19 करोड़ रुपये की घोषणा भी की गई।
वहीं, करीब 3.2 करोड़ रुपये की लागत से उमरादाह-निपानी मार्ग, 26 करोड़ रुपये की लागत से अर्जुंदा-ओड़ारसकरी मार्ग और 2.5 करोड़ रुपये की लागत से बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया।
बस्तर में विकास और शांति पर भी बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा, लेकिन अब सुरक्षा और विकास के प्रयासों से बस्तर में बदलाव दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं अब दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापित होने के साथ पर्यटन, उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएं भी पैदा हो रही हैं और आने वाले समय में बस्तर छत्तीसगढ़ के विकास की नई पहचान बनेगा।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज सहित हर वर्ग के विकास के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों से धान खरीदी, तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
कार्यक्रम में कांकेर सांसद भोजराज नाग, पूर्व सांसद सरोज पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं और नागरिक मौजूद रहे।