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A new gift for Premnagar! A dome, an indoor stadium, and a rest house will be built; CM Sai makes several major announcements.
अंबिकापुर। चक्रवात के असर से मौसम खराब होने के कारण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सूरजपुर दौरा रद्द हो गया। वे प्रेमनगर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। हालांकि, रायपुर स्थित निवास कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े और जिले को 232 करोड़ 49 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी।मुख्यमंत्री ने 24 करोड़ 29 लाख रुपये की लागत से पूरे हो चुके 63 कार्यों का लोकार्पण किया। वहीं, 208 करोड़ 20 लाख रुपये के 54 नए कार्यों का भूमिपूजन किया।
मुख्यमंत्री ने प्रेमनगर नगर पंचायत क्षेत्र के लिए 2 करोड़ 70 लाख रुपये के अतिरिक्त विकास कार्यों की घोषणा की। इसमें मंगल भवन के पास डोम निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये, इंडोर स्टेडियम के लिए 50 लाख रुपये और वार्ड क्रमांक 10, 11 व 12 से विश्रामगृह तक करीब दो किलोमीटर लंबी बीटी सड़क बनाने के लिए 1.20 करोड़ रुपये शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेमनगर के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्य कराए जाएंगे।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जिले में जल संरक्षण के प्रयासों और जल संचय जनभागीदारी अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान में सूरजपुर ने प्रदेश में पहला और देश में चौथा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने जिले के नागरिकों और प्रशासनिक टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के बदलते पैटर्न और भूजल स्तर में गिरावट के बीच जल संरक्षण की जरूरत बढ़ गई है। जिले में जल संरक्षण और संवर्धन से जुड़े 2,212 कार्यों पर 130 करोड़ 56 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन कार्यों से बारिश के पानी को सहेजने और गांवों में जल उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि किसानों की सुविधा के लिए 360 नए धान खरीदी केंद्रों को मंजूरी दी गई है। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए प्रदेश में करीब 32 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, तेंदूपत्ता संग्रहण की पारिश्रमिक दर 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा कर दी गई है।
चक्रवात 'अनंब' के आंध्र प्रदेश तट से टकराने के बाद छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश का असर देखा गया। रायपुर के साथ सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही थीं। ऐसे मौसम में हेलीकॉप्टर उड़ाना जोखिम भरा था। इसी वजह से मुख्यमंत्री का सूरजपुर दौरा रद्द करना पड़ा। बलरामपुर और सरगुजा में प्रस्तावित उनके कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए।