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A woman was swindled out of 15 tolas of gold under the pretext of a 'cure' for an ailment; the accused kept her in fear by threatening the lives of her family members.
रायपुर। राजधानी के फाफाडीह इलाके में साधु का भेष बनाकर पहुंचे ठगों ने एक महिला को बीमारी और पारिवारिक परेशानियां दूर करने का झांसा देकर लाखों रुपये के जेवर और नकदी ऐंठ ली। आरोपियों ने महिला की बीमारी और आंखों की समस्या से जुड़ी बातें बताकर उसका भरोसा जीता। इसके बाद पूजा-पाठ के नाम पर धीरे-धीरे सोने के आभूषण लेते रहे। महिला को किसी को जानकारी देने पर परिवार के सदस्यों की मौत होने का डर भी दिखाया गया।मामले की जांच करते हुए गंज पुलिस ने ग्वालियर से एक आरोपी गुरुदयाल सिंह उर्फ दल्लू और एक नाबालिग को पकड़ा है। इनके पास से 17 ग्राम सोने के आभूषण और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। गिरोह के दो अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक, जयलक्ष्मी कॉम्प्लेक्स निवासी जसवंत परमार की पत्नी के पास मार्च में तीन युवक साधु बनकर पहुंचे थे। उन्होंने पूजा-पाठ के जरिए बीमारी और घरेलू समस्याएं दूर करने का भरोसा दिलाया। पहली मुलाकात में पूजा के नाम पर सोने की अंगूठी और नकदी ले ली।करीब 10 से 12 दिन बाद आरोपी फिर पहुंचे। इस बार पूजा करने के बाद सोने की चेन और दूसरे आभूषण यह कहकर ले गए कि बाद में सभी जेवर लौटा दिए जाएंगे। इसके बाद भी वे अलग-अलग बहाने बनाकर महिला से आभूषण लेते रहे।
पुलिस के अनुसार, 7 सितंबर से आरोपी महिला को फोन करके और जेवर तथा नकदी की मांग करने लगे। तब उसे ठगी का संदेह हुआ। महिला को न तो पूजा-पाठ का कोई लाभ मिला और न ही उसके आभूषण वापस किए गए। तब तक आरोपी करीब 15 तोला सोना और 9 हजार रुपये नकद ले चुके थे।मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ग्वालियर के आरोपियों तक पहुंची। गिरफ्तार किए गए लोगों के कब्जे से सोने के आभूषण और मोबाइल जब्त किया गया है।
जांच में सामने आया है कि इस मामले में नाबालिग समेत चार लोग शामिल हैं। इनमें तीन आरोपी ग्वालियर और एक राजस्थान का रहने वाला बताया गया है। ये लोग मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में साधु के वेश में घूमते थे।आरोपी लोगों को बीमारी, पारिवारिक कलह और दूसरी परेशानियां दूर करने का भरोसा देकर रत्न जड़ी अंगूठियां और ताबीज बेचते थे। खास तौर पर घरों की महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। फाफाडीह की महिला के मामले में भी शुरुआत में इसी तरीके से संपर्क किया गया, लेकिन उसका भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने जेवर ठगने की योजना बना ली।
वारदात के बाद भी आरोपी उसी मोबाइल फोन और नंबर से महिला के संपर्क में बने रहे। पुलिस ने इसी आधार पर तकनीकी जांच की और दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने दूसरे राज्यों में भी इसी तरह की वारदातें की हो सकती हैं। फिलहाल इस मामले में एक ही पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अन्य संभावित मामलों और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरोह के दो सदस्य अभी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। चारों आरोपी आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।दीपक पासवान, थाना प्रभारी के अनुसार, तकनीकी जांच की मदद से आरोपियों तक पहुंचा गया है। फरार सदस्यों की तलाश के साथ सभी की आपराधिक पृष्ठभूमि खंगाली जा रही है।