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After the coal levy case, Ramgopal Agrawal's troubles may also mount in the liquor scam.
रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। 540 करोड रुपए के चर्चित कोल लेवी मामले में गिरफ्तारी के बाद अब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) शराब घोटाले में भी उनके खिलाफ नई कार्रवाई की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी मंगलवार को इस प्रकरण में भी उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर सकती है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक रामगोपाल अग्रवाल का नाम केवल कोल लेवी मामले तक सीमित नहीं है। 3200 करोड रुपए के कथित शराब घोटाले और 175 करोड रुपए के कस्टम मिलिंग मामले में भी उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन तीनों मामलों से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जांच का हिस्सा हैं।
8 जुलाई को कोल लेवी प्रकरण में गिरफ्तारी के बाद ईओडब्ल्यू ने रामगोपाल अग्रवाल को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच के दौरान विभिन्न वित्तीय लेनदेन, दस्तावेज और अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। एजेंसी का दावा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि पार्टी फंड के नाम पर बड़ी मात्रा में नकदी रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाई जाती थी। दावा किया गया है कि यह राशि बोरियों और कार्टन में लाई जाती थी तथा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में स्वीकार की जाती थी। इन आरोपों की जांच जारी है।
ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच को आगे बढ़ा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर अदालत से अनुमति लेकर तीनों मामलों में अलग से गिरफ्तारी की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।