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Chhattisgarh Teacher Vacancy: Revealed in the Assembly—82 schools in the state have not a single teacher, and over 50,000 posts are vacant.
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सरकार ने सदन में स्वीकार किया कि राज्य के स्कूलों में 50 हजार से अधिक शिक्षक पद रिक्त हैं, जबकि 82 प्राथमिक विद्यालय ऐसे हैं जहां एक भी शिक्षक पदस्थ नहीं है।
अकलतारा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह के तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 22,447 शासकीय प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में 89,375 शिक्षक पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 58,840 शिक्षक कार्यरत हैं। यानी 30,535 पद अभी भी रिक्त हैं।

सरकार द्वारा सदन में दी गई जानकारी के अनुसार राज्य के 82 प्राथमिक विद्यालय पूरी तरह शिक्षकविहीन हैं। इसके अलावा 2,265 विद्यालय ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरे स्कूल का संचालन हो रहा है। वहीं सबसे अधिक 14,052 विद्यालयों में दो-दो शिक्षक पदस्थ हैं।
कांग्रेस विधायक इंद्र साव के प्रश्न के उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि 15 जून 2026 तक प्रदेश में कुल 38,256 सरकारी स्कूल संचालित हैं। इनमें 22,447 प्राथमिक विद्यालय, 11,069 माध्यमिक विद्यालय, 1,851 हाई स्कूल, 2,889 हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित हैं। इन सभी स्कूलों में कुल 36,29,171 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
शिक्षा मंत्री ने सदन में बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कुल 1,26,943 शिक्षक पद भरे हुए हैं, जबकि 50,472 पद अभी भी रिक्त हैं। विधायक इंद्र साव ने सरकार से 57 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी भी मांगी।
सरकार ने स्पष्ट किया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के तहत प्राथमिक स्तर पर 30:1 तथा माध्यमिक स्तर पर 35:1 का शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात निर्धारित है। प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर स्वीकृत शैक्षणिक पद इसी मानक के आधार पर तय किए जाते हैं।