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Chhattisgarh: Allegations of fraud of 181.90 crores in PMGSY, issue heated up in the House; CBI investigation refused
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा विवाद सामने आया। कांग्रेस विधायकों ने 181.90 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की, जिसे उप मुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री विजय शर्मा ने खारिज कर दिया।
कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल
विधायक जनक ध्रुव ने सदन में सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान जीएसटी परफॉर्मेंस सिक्योरिटी, सुरक्षा निधि, परफॉर्मेंस गारंटी और रॉयल्टी के नाम पर 139.80 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। उन्होंने पूछा कि क्या इस भुगतान के लिए वित्त विभाग से अनुमति ली गई थी और यह राशि किन मदों से खर्च की गई।
मंत्री का जवाब: पिछली सरकार पर ठीकरा
इस पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वित्त विभाग की अनुमति के बिना ही करीब 228 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि इस राशि का न तो बजट में प्रावधान था और न ही वित्त विभाग से मंजूरी ली गई थी, जिससे स्पष्ट होता है कि गंभीर अनियमितता हुई है।
CBI जांच से इनकार, विभागीय जांच के आदेश
विधायक द्वारिकाधीश यादव ने करीब 200 करोड़ रुपये के इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की, लेकिन डिप्टी सीएम ने इसे खारिज करते हुए कहा कि मामले की विभागीय जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच सचिव स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
अब भी 181.90 करोड़ का भुगतान बाकी
सरकार की ओर से दिए गए लिखित जवाब में बताया गया कि पीएमजीएसवाई के तहत विभिन्न मदों में 1 फरवरी 2026 की स्थिति में 181.90 करोड़ रुपये का भुगतान अभी लंबित है। यह राशि वर्ष 2023-24 और उससे पहले के कार्यों से संबंधित है।
सदन में तीखी बहस
इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने इसे बड़ा घोटाला बताते हुए पारदर्शी जांच की मांग की, वहीं सरकार ने विभागीय जांच का भरोसा दिलाते हुए कार्रवाई की बात कही।