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Chhattisgarh: D.El.Ed. candidates' Kalash Yatra halted in Raipur; hunger strike continues for 86 days demanding appointments
रायपुर। चैत्र नवरात्रि के अवसर पर राजधानी रायपुर में प्रदर्शन कर रहे D.El.Ed. अभ्यर्थियों की कलश यात्रा को पुलिस ने बीच में ही रोक दिया। 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले 86 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
क्या है पूरा मामला?
अभ्यर्थियों का कहना है कि हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सहायक शिक्षक के 2300 पद अब तक नहीं भरे गए हैं। इसी मांग को लेकर वे लंबे समय से धरना दे रहे हैं। नवरात्रि के मौके पर उन्होंने अपनी मांग को धार्मिक आस्था से जोड़ते हुए तूता धरना स्थल से शीतला मंदिर तक कलश यात्रा निकालने का निर्णय लिया था।
कई जिलों से पहुंचे अभ्यर्थी
इस यात्रा में शामिल होने के लिए जशपुर, बलरामपुर, सुकमा, बस्तर, बीजापुर, कोरिया और नारायणपुर सहित कई जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रायपुर पहुंचे। अभ्यर्थी हाथों में कलश लेकर, माथे पर तिलक लगाए और मंत्रोच्चार करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से यात्रा निकालने की तैयारी में थे।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका
धरना स्थल के बाहर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही अभ्यर्थियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार का जुलूस या यात्रा निकालना नियमों के खिलाफ है, इसलिए यह कदम उठाया गया।
अभ्यर्थियों का आरोप- दिखाया जा रहा दोहरा रवैया
अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वे शांतिपूर्ण और धार्मिक भावना से यात्रा निकाल रहे थे, इसके बावजूद उन्हें रोका गया। उनका कहना है कि राजनीतिक रैलियों में नियमों में ढील दी जाती है, लेकिन जब युवा अपने अधिकारों की मांग करते हैं तो सख्ती बरती जाती है।
मांग पर अड़े अभ्यर्थी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस घटनाक्रम के बाद राजधानी में प्रशासन और अभ्यर्थियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।